बागपत की बड़ौत मंडी में 1.32 करोड़ से सुधरेंगी सुविधाएं- 70 दुकानों का होगा नवीनीकरण, जलनिकासी होगी सुदृढ़
बागपत की बड़ौत मंडी के कायाकल्प के लिए मंडी परिषद ने 1.32 करोड़ रुपये मंजूर किए। 70 दुकानों, नीलामी चबूतरों, प्रवेश द्वार और जलनिकासी व्यवस्था का होगा सुधार।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि मंडियों को आधुनिक एवं किसान-व्यापारी हितैषी बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के तहत बागपत जनपद स्थित बड़ौत मंडी परिसर के कायाकल्प की योजना स्वीकृत की गई है। मंडी में व्यापारिक गतिविधियों को गति देने और कृषि उपज के विपणन को सुगम बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने कुल 1 करोड़ 31 लाख 79 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि से मंडी की आंतरिक अवसंरचना, नीलामी स्थलों, जलनिकासी और प्रशासनिक भवनों का व्यापक जीर्णोद्धार किया जाएगा।
स्वीकृत कार्ययोजना के अंतर्गत मंडी परिसर में स्थापित विभिन्न श्रेणियों की कुल 70 दुकानों की मरम्मत और नवीनीकरण कराया जाएगा। इनमें 'अ' श्रेणी की 30 दुकानें, 'ब' श्रेणी की 29 दुकानें तथा 'स' श्रेणी की 11 दुकानें शामिल हैं। इन व्यापारिक प्रतिष्ठानों की मौजूदा संरचनाओं को सुदृढ़ किए जाने से स्थानीय व्यापारियों एवं आढ़तियों को कारोबार संचालन के लिए स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही मंडी के प्रशासनिक कार्यालय भवन और मुख्य प्रवेश द्वार की भी मरम्मत कराई जाएगी, जिससे परिसर की सुरक्षा व व्यवस्था में सुधार होगा।
किसानों की उपज की सुचारु खरीद-बिक्री सुनिश्चित करने के लिए नीलामी चबूतरों की मरम्मत को प्राथमिकता दी गई है। चबूतरों के फर्श व शेड के सुधार से अधिक आवक के दिनों में भी किसानों को अपनी उपज प्रदर्शित करने और खुली नीलामी में भाग लेने में सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, वर्षा ऋतु के दौरान होने वाले जलभराव से निजात दिलाने के लिए सुदृढ़ जलनिकासी नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे मंडी के आंतरिक मार्गों पर आवागमन निर्बाध बना रहे।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राज्य की मंडियों में किसानों और व्यापारियों को हर आवश्यक बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान जब अपनी मेहनत की उपज लेकर मंडी पहुंचे, तो उसे सुगम आवागमन, सुरक्षित भंडारण, पारदर्शी नीलामी और उचित तौल की सुविधा बिना किसी बाधा के मिलनी चाहिए। बड़ौत मंडी में स्वीकृत इन विकास कार्यों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाएगा।
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