यूपी की मंडियों का होगा कायाकल्प- 26.50 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत, 71 पुराने वे-ब्रिज होंगे आधुनिक
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद ने 26.50 करोड़ रुपये के 33 विकास कार्यों को मंजूरी दी। 48 मंडियों में 71 वे-ब्रिज आधुनिक होंगे, जिससे किसानों को निःशुल्क तौल सुविधा मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में किसानों और व्यापारियों को आधुनिक विपणन सुविधाएं सुलभ कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक आधुनिकीकरण योजना को स्वीकृति दी है। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने प्रदेश भर के मंडी परिसरों में कृषि उपज के आवागमन, भंडारण, नीलामी और तौल से जुड़े बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 26.50 करोड़ रुपये लागत के 33 विकास कार्यों को प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी प्रदान की है। इस कार्ययोजना के तहत 21.34 करोड़ रुपये आंतरिक सड़कों, गोदामों, नीलामी चबूतरों और जलनिकासी व्यवस्था पर व्यय किए जाएंगे, जबकि 5.16 करोड़ रुपये से 48 मंडियों में स्थापित 71 पुराने वे-ब्रिजों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार गाजीपुर जनपद की यूसुफपुर मंडी में लगभग 5.37 करोड़ रुपये की लागत से 500-500 मीट्रिक टन क्षमता के तीन गोदामों की छतों का नवीनीकरण, हॉटमिक्स सड़कों का निर्माण, चहारदीवारी और जलनिकासी से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। बुलंदशहर मंडी में 4.94 करोड़ रुपये से सड़कों एवं नीलामी चबूतरों के सुधार के साथ संपवेल, पंप हाउस और पाइपलाइन बिछाकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। इसके अलावा जालौन की उरई मंडी में 2.11 करोड़ रुपये से 244 दुकानों, कैंटीन, विपणन प्रयोगशाला और नौ नीलामी चबूतरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
योजना के तहत झांसी की तालपुरा मंडी में 1.52 करोड़ रुपये से पल्लेदार शेड, प्रकाश व्यवस्था और भंडारण संरचनाओं का विकास होगा। बागपत की बड़ौत मंडी में 1.32 करोड़, ललितपुर के मड़ावरा में 1.27 करोड़ और औरैया के याकूबपुर में 1.04 करोड़ रुपये से दुकानों, गोदामों व चहारदीवारी की मरम्मत कराई जाएगी। कानपुर की चकरपुर फल-सब्जी मंडी, नौबस्ता और उत्तरीपुरा मंडियों सहित अयोध्या, बाराबंकी, महोबा, कौशांबी, बहराइच, सीतापुर, रामपुर और देवरिया की मंडियों में भी विद्युत व्यवस्था, हाईमास्ट लाइट और आधारभूत सुधार कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
मंडी परिषद ने कृषि उपज की पारदर्शी और सटीक तौल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 10 वर्ष से अधिक पुराने 71 वे-ब्रिजों के क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण का निर्णय लिया है। मंडी परिषद के वे-ब्रिजों पर किसानों के लिए तौल की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में नई तकनीक और बढ़ी हुई क्षमता वाले वे-ब्रिज स्थापित होने से विशेषकर पीक सीजन में किसानों को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और समय की बचत होगी।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मंडियों को अत्याधुनिक विपणन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण एवं नवीनीकरण से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में हर स्तर पर सुगमता मिल सके।
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