यूपी के 75 जिलों में बनेंगे 150 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 150 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अध्यक्षता में गवर्निंग बॉडी ने दी मंजूरी।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) के स्थायित्व और 'ओडीएफ प्लस' के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से प्राप्त करने के उद्देश्य से शासन ने व्यापक कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया है। 'स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2' के अंतर्गत पंचायती राज विभाग की गवर्निंग बॉडी की उच्चस्तरीय बैठक सोमवार को पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीण अंचलों में तरल व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने और जनसहभागिता बढ़ाने के लिए कई दूरगामी निर्णय लिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव, पंचायती राज रविन्द्र, निदेशक धीरेंद्र सिंह सचान और विशेष सचिव राजेश त्यागी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्ययोजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। ग्रामीण क्षेत्रों में फीकल स्लज प्रबंधन (एफएसएम) को मजबूत करने के लिए प्रत्येक दो विकास खंडों के अंतराल पर एक फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित करने की व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश के कुल 826 विकास खंडों के लिए चरणबद्ध रूप से 400 एफएसटीपी स्थापित किए जाने हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम चरण में राज्य के सभी 75 जनपदों में प्रति जनपद दो के मान से कुल 150 इकाइयों के निर्माण का अनुमोदन प्रदान किया गया है। इन संयत्रों के निर्माण और आगामी पांच वर्षों तक सुचारू संचालन व रखरखाव के लिए नामित कार्यदायी संस्था (यूपीपीसीएल) के साथ 15 कार्यदिवसों के भीतर अनुबंध (एमओयू) की प्रक्रिया पूर्ण कर धरातल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों के संचालन को भी हरी झंडी दी गई। पारदर्शी ई-प्रोक्योरमेंट नियमों के तहत निदेशालय स्तर से प्रतिष्ठित एजेंसी का चयन किया जाएगा। चयनित संस्था के माध्यम से पूरे प्रदेश में एलईडी वैन, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन एवं परिषदीय विद्यालयों में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के जरिए ग्रामीणों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से अपशिष्ट निस्तारण और सतत जनजागरूकता से ही ग्रामीण उत्तर प्रदेश को पूर्ण स्वच्छ, स्वस्थ और आदर्श ओडीएफ प्लस राज्य के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
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