यूपी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: 28,438 जोड़ों का हुआ विवाह, हरदोई और सीतापुर अव्वल
यूपी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 28,438 जोड़ों का विवाह संपन्न। प्रति जोड़ा ₹1 लाख की सहायता, हरदोई पहले और सीतापुर दूसरे स्थान पर रहा।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' समाज के निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए एक बड़ा आर्थिक संबल बनकर उभरी है। समाज कल्याण विभाग की ओर से क्रियान्वित इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक प्रदेश भर में कुल 28,438 जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूर्ण सम्मान के साथ संपन्न कराया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने इस चालू वित्तीय सत्र में कुल 72,540 पात्र जोड़ों के विवाह का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया है।
संयुक्त निदेशक एवं योजनाधिकारी आर.पी. सिंह ने प्रगति विवरण साझा करते हुए बताया कि योजना के तहत अब तक पूरे प्रदेश से कुल 1,15,658 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभागीय स्तर पर कराई गई सघन जांच और सत्यापन के उपरांत 34,654 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि अपात्र पाए जाने पर 11,540 आवेदनों को निरस्त किया गया है। शेष आवेदनों के त्वरित सत्यापन की प्रक्रिया प्रगति पर है।
सामूहिक विवाह कराने में हरदोई और सीतापुर अव्वल जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो सामूहिक विवाह संपन्न कराने के मामले में जनपद हरदोई पूरे प्रदेश में शीर्ष पायदान पर है, जहां अब तक 1,385 जोड़ों का विवाह कराया गया। इसके बाद सीतापुर 1,335 जोड़ों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त जनपद पीलीभीत में 1,271 तथा आजमगढ़ में 1,242 जोड़ों का सामूहिक विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है।
डिजिटल सत्यापन और पारदर्शी व्यवस्था योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण शुचिता और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीकों का समावेश किया गया है। आवेदकों की प्रामाणिकता जांचने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आय और जाति प्रमाण पत्रों का स्वतः डिजिटल सत्यापन किया जाता है। इसके साथ ही सहायता राशि का अंतरण सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्रति जोड़ा ₹1 लाख की वित्तीय सहायता योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इस धनराशि का त्रिस्तरीय विभाजन किया गया है:
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₹64,000: नवविवाहिता को नई गृहस्थी स्थापित करने के लिए सीधे उसके बैंक खाते में अंतरित किए जाते हैं।
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₹21,000: वधू के लिए आवश्यक वैवाहिक सामग्री, आभूषण, वस्त्र और घरेलू उपयोग के उपहार खरीदने हेतु व्यय होते हैं।
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₹15,000: भव्य विवाह समारोह के आयोजन, मंडप, भोजन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।
यह योजना न केवल कमजोर आय वर्ग के परिवारों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिला रही है, बल्कि सामाजिक समरसता को बढ़ावा देकर बेटियों के सम्मानजनक विवाह को सुनिश्चित कर रही है।
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