यूपी के सर्वोदय विद्यालयों में एआई से आसान हुई पढ़ाई, कठिन विषयों को समझना हुआ सरल
यूपी के सर्वोदय विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से पढ़ाई हुई आसान। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण बोले- तकनीक से बढ़ रही बच्चों की तार्किक समझ।
समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित राजकीय सर्वोदय विद्यालयों में आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को सुदृढ़ करने में प्रभावी भूमिका निभा रही है। आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एआई आधारित डिजिटल साधन पढ़ाई को सरल, व्यावहारिक और रोचक बनाने में अत्यंत मददगार सिद्ध हो रहे हैं। इस पहल से छात्र-छात्राएं न केवल कठिन अवधारणाओं को आसानी से समझ पा रहे हैं, बल्कि उनमें तार्किक सोच और समस्याओं का स्वतंत्र समाधान खोजने की क्षमता भी विकसित हो रही है।
कक्षा शिक्षण और स्वाध्याय के दौरान विद्यार्थी एआई उपकरणों के माध्यम से गणित के जटिल सूत्रों को चरणबद्ध तरीके से हल करना सीख रहे हैं। वहीं विज्ञान के गूढ़ सिद्धांतों को दैनिक जीवन के उदाहरणों और दृश्य माध्यमों से समझना अधिक सुलभ हो गया है। भाषा शिक्षण में भी व्याकरण संबंधी त्रुटियों को सुधारने और शब्दावली समृद्ध करने में तकनीक से बड़ा सहयोग मिल रहा है। प्रत्येक विद्यार्थी अपनी व्यक्तिगत सीखने की गति के अनुरूप अभ्यास प्रश्न और अध्ययन सामग्री प्राप्त कर रहा है, जिससे उन्हें अपनी कमजोरियों की पहचान कर उन्हें सुधारने का अवसर मिल रहा है। शिक्षकों की सीधी निगरानी में एआई का यह संतुलित उपयोग पारंपरिक शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बना रहा है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस पहल पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि समकालीन दौर में आधुनिक तकनीक का सकारात्मक व संतुलित समावेश शिक्षा को अधिक समावेशी और परिणामोन्मुख बनाता है। एआई आधारित शैक्षणिक वातावरण से वंचित और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी विद्यार्थियों को बदलते समय की प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद मिल रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सुरक्षित, नियंत्रित और नैतिक मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जा रहा है।
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