विकसित भारत–जी राम जी योजना से ग्रामीण बुनियादी ढांचे का कायाकल्प: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
विकसित भारत–जी राम जी योजना से यूपी के गांवों में बन रहे पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बताई विकास की रूपरेखा।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक विकास और जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए 'विकसित भारत–जी राम जी योजना' मील का पत्थर साबित हो रही है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत अनुमन्य विभिन्न ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण गांवों में आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने और ग्रामीण परिवारों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत निर्मित हो रहे पंचायत भवन अब ग्रामीण जनजीवन में संवाद, सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय विकास का मुख्य केंद्र बन रहे हैं। इन भवनों के माध्यम से ग्रामीणों को सामूहिक विचार-विमर्श, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के लिए सुव्यवस्थित स्थान प्राप्त हो रहा है। वहीं, ग्रामीण अंचलों में आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण से बच्चों की प्रारंभिक देखभाल, पोषण और स्वस्थ बचपन को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास का उद्देश्य केवल भौतिक ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जनसहभागिता का सर्वांगीण विस्तार करना है।
योजना के तहत परिषदीय सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक परिवेश को उत्कृष्ट बनाने के लिए व्यापक कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
-
अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण: विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप बैठने और अध्ययन के लिए पर्याप्त स्थान की उपलब्धता।
-
शौचालय व स्वच्छता सुविधाएं: छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ व सुरक्षित प्रसाधनों का निर्माण।
-
आधुनिक प्रयोगशालाएं एवं रसोई शेड: व्यावहारिक विज्ञान शिक्षण हेतु लैब और मिड-डे मील के लिए स्वच्छ किचेन शेड की व्यवस्था।
-
खेल मैदान व चारदीवारी: बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेल मैदान और विद्यालय की सुरक्षा हेतु बाउंड्री वॉल का निर्माण।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जोर देकर कहा कि पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और सरकारी विद्यालय सीधे तौर पर ग्रामीण समाज की मूलभूत प्राथमिकताओं से जुड़े हैं। इन परिसंपत्तियों के व्यवस्थित निर्माण और विस्तार से गांवों में आधारभूत ढांचे की कमी दूर होगी, जिससे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर नई ऊर्जा मिलेगी।
What's Your Reaction?

