यूपी में विद्युत सखियों ने रचा इतिहास, वसूले ₹3650 करोड़ के बिजली बिल, कमाया ₹47 करोड़ कमीशन

यूपी में विद्युत सखी कार्यक्रम बना महिला स्वावलंबन का आधार। 16,144 सक्रिय सखियों ने वसूले ₹3650 करोड़ के बिजली बिल, ₹47 करोड़ कमीशन कमाकर पेश की मिसाल।

By INA News Desk
Oct 23, 2026 - 00:08
3 Views
यूपी में विद्युत सखियों ने रचा इतिहास, वसूले ₹3650 करोड़ के बिजली बिल, कमाया ₹47 करोड़ कमीशन
प्रतीकात्मक चित्र
Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करने और ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से संचालित 'विद्युत सखी' कार्यक्रम सफलता के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) तथा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के संयुक्त समन्वय से संचालित इस पहल ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराई है। ग्रामीण महिलाएं अब घर-घर जाकर मीटर रीडिंग और बिजली बिल संग्रह का दायित्व संभालकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रही हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आजीविका से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्युत सखी मॉडल ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को लंबी कतारों और दूरदराज के बिजली उपकेंद्रों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाई है, वहीं महिलाओं को अपने ही गांव व आसपास के क्षेत्र में सुरक्षित व सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित किया है। वर्तमान में समूचे प्रदेश में 16,144 सक्रिय विद्युत सखियां धरातल पर सेवाएं दे रही हैं।

कार्यक्रम के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, योजना के शुभारंभ से लेकर अब तक प्रदेश भर की विद्युत सखियों ने 3,650 करोड़ रुपये से अधिक के बकाए व नियमित बिजली बिलों का सफल संग्रह किया है। इस पारदर्शी संग्रह व्यवस्था के एवज में सखियों ने कुल 46.98 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध कमीशन राशि अर्जित कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है।

कार्यक्रम के तहत कई महिलाओं ने असाधारण कार्यकुशलता का परिचय दिया है। प्रदेश की 70 विद्युत सखियों ने व्यक्तिगत स्तर पर एक-एक करोड़ रुपये से अधिक का बिल संग्रह करने का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है, जिन्होंने सामूहिक रूप से 70 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया। ऊर्जा विभाग की एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना के क्रियान्वयन में भी सखियों ने अग्रणी भूमिका निभाई। इसमें जनपद अमेठी की सोनी द्विवेदी ने 3.1 करोड़ रुपये, रामपुर की मेहर जहां ने 2.7 करोड़ रुपये तथा बाराबंकी की राजश्री शुक्ला ने 2.3 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाकर उल्लेखनीय मिसाल पेश की है।

सहारनपुर, सुल्तानपुर, मेरठ और अमेठी सहित विभिन्न जनपदों में विद्युत सखी कार्यक्रम के बेहद उत्साहजनक और सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इस व्यवस्था ने स्पष्ट किया है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को समुचित तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल उपकरण और संस्थागत जिम्मेदारी सौंपी जाए, तो वे न केवल आत्मनिर्भरता हासिल कर सकती हैं, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं के वितरण और राजस्व संग्रह को भी पारदर्शी व जवाबदेह बना सकती हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement