यूपी से मानसून की विदाई, 95 दिनों में हुई 8 प्रतिशत अधिक बारिश, चित्रकूट में बरसा सबसे ज्यादा पानी
उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई। 95 दिनों के मानसूनी सत्र में दर्ज हुई 802.9 मिमी बारिश। चित्रकूट में सबसे ज्यादा 1358.1 मिमी पानी बरसा।
उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक वापसी पूरी हो चुकी है। इस वर्ष मानसूनी हवाओं ने सामान्य समय से करीब बारह दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश किया था और पूरे क्षेत्र को ढकने के बाद पश्चिमी छोर से धीरे-धीरे पीछे हटना शुरू किया। कुछ दिनों के ठहराव के पश्चात मानसूनी हवाएं तय समय से दो दिन पहले ही पूरे राज्य से विदा हो गईं। इस तरह राज्य में मानसून का सक्रिय दौर कुल पचानवे दिनों तक बना रहा। संपूर्ण मानसूनी सत्र के दौरान राज्यभर में दर्ज हुआ कुल वर्षा का आंकड़ा सामान्य श्रेणी में दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग के प्रादेशिक विश्लेषण के अनुसार, पूरे सत्र में प्रदेश का कुल वर्षा स्तर दीर्घकालिक औसत के मुकाबले आठ प्रतिशत अधिक रहा। इस दौरान राज्य में 802.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 746.2 मिलीमीटर माना जाता है। आंचलिक दृष्टिकोण से देखें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में औसत से दो प्रतिशत अधिक यानी 817 मिलीमीटर पानी बरसा। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह स्थिति और बेहतर रही, जहां औसत के मुकाबले 16 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 782.7 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। दोनों ही अंचल आधिकारिक तौर पर सामान्य वर्षा की श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।
जिलेवार आंकड़ों में बुंदेलखंड के चित्रकूट जनपद ने बाजी मारी, जहां पूरे प्रदेश में सर्वाधिक 1358.1 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा प्रदेश के 14 जिलों में वर्षा का आंकड़ा एक हजार मिलीमीटर के स्तर को पार कर गया। बारिश के वितरण के आधार पर प्रदेश के 37 जिलों में दीर्घकालिक औसत से कम जबकि ठीक इतने ही यानी 37 जनपदों में औसत से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि आगरा में बिल्कुल औसत के बराबर बारिश हुई।
श्रेणीवार समीक्षा से पता चलता है कि सर्वाधिक 29 जिलों में मानसूनी वर्षा का स्तर सामान्य रहा, जिनमें अम्बेडकर नगर, अयोध्या, आज़मगढ़, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फ़तेहपुर, ग़ाज़ीपुर, गोंडा, हरदोई, महराजगंज, मिर्ज़ापुर, रायबरेली, श्रावस्ती, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव, आगरा, अमरोहा, बदायूँ, बागपत, बुलन्दशहर, हाथरस, झाँसी, कासगंज और रामपुर शामिल हैं। वहीं 17 जिलों में सामान्य से अधिक पानी बरसा, जिनमें बहराइच, फर्रुखाबाद, खीरी, लखनऊ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, औरैया, बरेली, बिजनौर, इटावा, फिरोजाबाद, जालौन, ललितपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और शाहजहाँपुर का नाम है। इसके अलावा 9 जिलों बांदा, चित्रकूट, कन्नौज, कानपुर नगर, एटा, हमीरपुर, महोबा, मेरठ और संभल में सामान्य से अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई।
दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों को बादलों की बेरुखी का सामना भी करना पड़ा। राज्य के 16 जिलों अमेठी, भदोही, गोरखपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, मऊ, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, मैनपुरी, मथुरा, पीलीभीत और सहारनपुर में सामान्य से कम वर्षा हुई। वहीं 4 जिलों देवरिया, कुशीनगर, गाजियाबाद और शामली में स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही, जहां पूरे सत्र में सामान्य से अत्यधिक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई। मानसून की विदाई के साथ ही अब राज्य में सुबह-शाम गुलाबी ठंडक की आहट शुरू होने की संभावना है।
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