गोमती के उफान के बीच सुरक्षा कवच बना ग्रीन कॉरिडोर, लखनऊ में 5 लाख की आबादी को बाढ़ से बचाया
गोमती नदी में आई बाढ़ के बीच एलडीए का ग्रीन कॉरिडोर तटबंध सुरक्षा कवच बना। गोमती नगर विस्तार और सीजी सिटी समेत 5 लाख आबादी को जलभराव से बचाया।
- गोमती नदी के बढ़े जल स्तर के बीच प्रहरी बना ग्रीन कॉरिडोर
- पिपराघाट से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ के मध्य एलडीए बना रहा है बंधा
- 11 किलोमीटर की लंबाई में आकार ले रहे बंधे ने 5 लाख की आबादी को दी बड़ी राहत
लखनऊ व आसपास के क्षेत्रों में विगत दिनों हुयी भारी वर्षा से गोमती नदी के जलस्तर में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुयी है। फैजुल्लागंज व उससे सटे हुये इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं। गोमती रिवर फ्रंट तक जलमग्न हो गया है। कुछ ऐसे ही हालात गोमती नगर विस्तार व सी0जी0 सिटी में भी होते। लेकिन, एलडीए द्वारा ग्रीन कॉरिडोर के तहत बनाये जा रहे बंधे ने प्रहरी बनकर लगभग 5 लाख की आबादी को संभावित बाढ़ एवं जलभराव के संकट से बचा रखा है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा गोमती नदी के किनारे लगभग 28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत पिपराघाट से शहीद पथ तथा शहीद पथ से किसान पथ के मध्य बंधा निर्मित किया जा रहा है। लगभग 11 किलोमीटर लंबाई में आकार ले रहा यह बंधा नदी के बढ़ते जलस्तर व आसपास के रिहायशी क्षेत्रों के बीच सुरक्षा कवच साबित हो रहा है।
जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी0 व एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शनिवार को रिवर फ्रंट समेत नदी के तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण किया। इसमें साफ देखा गया कि ग्रीन कॉरिडोर के अंतर्गत बनाये जा रहे बंधे ने किस तरह नदी के बढ़े हुये जलस्तर को थाम रखा है। बंधे के आकार लेने से पुलिस मुख्यालय, मलेशेमऊ, सरसवां, गोमती नगर विस्तार व सी0जी0 सिटी समेत आसपास का पूरा क्षेत्र नदी के पानी की चपेट में आने से बचा है। अगर यहां बंधा निर्माण का काम नहीं हो रहा होता तो पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता, जिससे हालात बिगड़ सकते थे।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दुनिया के जितने भी बड़े और विकसित शहर हैं, उनमें से अधिकांश नदियों के किनारे बसे हुए हैं। इन शहरों का सुनियोजित विकास नदी के जलस्तर और बाढ़ की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बांध एवं तटबंध जैसी संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से किया गया है। अब लखनऊ भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत बनाए जा रहे बंधे से न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि नदी के बढ़ते जलस्तर के दौरान आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
01 वर्ष में पूरी तरह तैयार हो जाएगा बंधा
ग्रीन कॉरिडोर के तृतीय चरण में पिपराघाट से शहीद पथ के मध्य बंधा निर्माण का कार्य जनवरी, 2026 में शुरू हुआ है। वहीं, चतुर्थ चरण के अंतर्गत शहीद पथ से किसान पथ के मध्य बंधा निर्माण का कार्य अप्रैल, 2026 में प्रारंभ किया गया हैै। उपाध्यक्ष ने बताया कि लगभग 300 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित किया जा रहा यह बंधा अप्रैल, 2027 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।
फैजुल्लागंज में 182 करोड़ से बनेगा बंधा
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आईआईएम रोड से खदरा होते हुए हार्डिंग ब्रिज (पक्का पुल) के मध्य बंधे का निर्माण कराया जाएगा। लगभग 182 करोड़ रूपये की लागत से गोमती नदी के बाएं तटबंध पर बंधा बनने से फैजुल्लागंज, दाऊद नगर, मामा कालोनी समेत आसपास की अन्य कालोनियों में नदी के पानी से होने वाले जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से समाधान मिल जाएगा।
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