यूपी में नगर निकाय OTS योजना को मिला जबरदस्त समर्थन, 67 करोड़ से अधिक की कर छूट, 1 लाख पार पहुंचे आवेदन

यूपी के 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को मिला भारी समर्थन। एक लाख से ज्यादा आवेदन, करदाताओं को मिली ₹67.33 करोड़ की बड़ी राहत।

By INA News Desk
Oct 4, 2026 - 23:23
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यूपी में नगर निकाय OTS योजना को मिला जबरदस्त समर्थन, 67 करोड़ से अधिक की कर छूट, 1 लाख पार पहुंचे आवेदन

उत्तर प्रदेश के नगरीय निकायों को वित्तीय दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने और नागरिकों को पुराने कर बकायों से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू इस कल्याणकारी व्यवस्था के तहत अब तक एक लाख से अधिक करदाताओं ने पंजीकरण करा लिया है। इनमें से 65,457 आवेदनों को तुरंत स्वीकृति देकर राहत पहुंचाई जा चुकी है, जबकि शेष 32,737 आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

प्रदेश के 17 नगर निगमों, 200 नगर पालिका परिषदों और 545 नगर पंचायतों में गृहकर, जलकर तथा सीवरकर के लंबित विवादों और बकायों के समाधान के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। अब तक सामने आए 176.61 करोड़ रुपये के कुल मांग पत्र के सापेक्ष निकायों ने 40.85 करोड़ रुपये का राजस्व सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। वहीं दूसरी ओर, नियम और छूट के दायरे में आने वाले करदाताओं को सीधे 67.33 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक छूट प्रदान की गई है। इस पूरी व्यवस्था से अब तक 65 हजार से अधिक भवन स्वामियों और उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचा है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरकार का दोहरा लक्ष्य है, एक तरफ निकायों की आर्थिक सेहत सुधारकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और दूसरी तरफ आम नागरिकों को नागरिक सुविधाओं के साथ कर राहत देना। यह योजना इसी दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। इससे जहां नागरिकों को पुराने विवाद और भारी जुर्माने से छुटकारा मिल रहा है, वहीं नगर निकायों को लंबे समय से फंसे राजस्व की वसूली में बड़ी सफलता मिल रही है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे समय सीमा समाप्त होने से पहले इस पारदर्शी व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं।

योजना के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि इसमें सबसे अधिक रुचि आम घरेलू करदाताओं ने दिखाई है। प्राप्त कुल आवेदनों में 80,465 आवेदन यानी करीब 80.5 प्रतिशत हिस्सा आवासीय संपत्तियों का है। इसके अलावा 11,158 आवेदन व्यावसायिक संपत्तियों से और 8,382 आवेदन अन्य श्रेणियों से प्राप्त हुए हैं। छूट के आंकड़ों को देखें तो प्रत्येक पात्र उपभोक्ता को औसतन लगभग 10,286 रुपये की सीधी बचत हुई है।

मध्यम और कमजोर वर्ग के करदाताओं की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखते हुए योजना में एकमुश्त भुगतान के अलावा अधिकतम तीन किस्तों में बकाया चुकाने का व्यावहारिक विकल्प भी दिया गया है। यह व्यवस्था सीमित आय वाले उन परिवारों के लिए बेहद मददगार बनी है जो एक बार में पूरी रकम देने में असमर्थ थे।

नागरिकों को जागरूक करने और आवेदन प्रक्रिया में मदद के लिए नगर विकास विभाग की ओर से वार्ड स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में तकनीकी टीम लोगों को पात्रता, देय राशि और छूट के नियमों की पूरी जानकारी मौके पर ही दे रही है। पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाए रखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा भी दी गई है, जिससे लोग घर बैठे भी अपने लंबित देयकों का निपटारा करा रहे हैं।

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