यूपी के 1565 पीएम श्री स्कूलों में 'मेरा गांव-मेरा विद्यालय' अभियान: समुदाय और अभिभावक मिलकर संवारेंगे शिक्षा

उत्तर प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों में 'मेरा गांव-मेरा विद्यालय' अभियान शुरू होगा। अभिभावक और ग्रामीण समुदाय मिलकर बच्चों को समृद्ध शैक्षिक माहौल देंगे।

By INA News Desk
Sep 30, 2026 - 22:23
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यूपी के 1565 पीएम श्री स्कूलों में 'मेरा गांव-मेरा विद्यालय' अभियान: समुदाय और अभिभावक मिलकर संवारेंगे शिक्षा

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा तंत्र को जनसरोकारों से जोड़ने और सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को आधुनिक परिवेश में ढालने के क्रम में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेशभर में संचालित 1,565 पीएम श्री विद्यालयों को अब स्थानीय समाज, अभिभावकों और ग्राम समुदाय के सशक्त सहभागिता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत नवंबर माह में सभी चयनित विद्यालयों में 'मेरा गांव–मेरा विद्यालय' नामक एक विशेष और व्यापक अभियान आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के सुचारू संचालन और विभिन्न गतिविधियों को धरातल पर उतारने के लिए शासन स्तर से कुल 46.95 लाख रुपये का वित्तीय आवंटन स्वीकृत किया गया है।

इस अनूठे अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालय, परिवार और ग्राम पंचायत के बीच एक मजबूत और निरंतर संवाद स्थापित करना है। इसके माध्यम से विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, पूर्व शिक्षकों और अभिभावकों को एक साझा मंच पर लाया जाएगा। यह सामूहिक प्रयास प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, विद्यालयों में निरंतर ठहराव और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में उत्प्रेरक का काम करेगा। साथ ही समग्र शिक्षा अभियान के तहत चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाई जाएगी।

विद्यार्थियों की झिझक मिटाने और उनके भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए आयोजन के दौरान विविध सांस्कृतिक व बौद्धिक गतिविधियां आयोजित होंगी। गांव की गलियों में बच्चों और शिक्षकों द्वारा प्रेरक प्रभातफेरियां और जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। विद्यालयों में नाटक मंचन, लोककथा वाचन, पोस्टर मेकिंग और पारंपरिक खेलकूद प्रतियोगिताओं की शृंखला सजेगी। शैक्षिक सत्र के दौरान खेल, कला और अकादमिक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को ग्राम स्तर पर आयोजित सार्वजनिक समारोह में सम्मानित किया जाएगा, जिससे अन्य बच्चों में भी आगे बढ़ने का उत्साह पैदा हो सके।

यह अभियान ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने में भी मददगार बनेगा। कक्षा 5, 8 और 10 के विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए उन्हें अगली उच्च कक्षाओं में प्रवेश और नियमित अध्ययन जारी रखने के लिए विशेष रूप से प्रेरित और मार्गदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए व्यापक हस्ताक्षर अभियान और प्रेरणादायक सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों को स्थानीय समाज के साथ जोड़ना सरकार की नीतिगत प्राथमिकता है। विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण समुदाय जब मिलकर साझा जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव तैयार होगी। वहीं स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि जनभागीदारी से प्राथमिक शिक्षा को नई गति और ऊर्जा मिलेगी तथा रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने का अनुकूल वातावरण प्राप्त होगा।

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