राज्य सूचना आयोग में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 'दवा से पहले सलाह' पर दिया गया जोर
राज्य सूचना आयोग परिसर में एपेक्स गोयल हॉस्पिटल ने निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया। 135 कार्मिकों की जांच हुई और दवा से पहले विशेषज्ञ सलाह पर जोर दिया गया।
राज्य सूचना आयोग परिसर में एपेक्स गोयल सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओर से 'एपेक्स चिकित्सक दवा से पहले सलाह' मुहिम के तहत निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श शिविर आयोजित किया गया। शिविर की शुरुआत मुख्य सूचना आयुक्त डॉ. राजकुमार विश्वकर्मा तथा राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप कुमार अग्निहोत्री ने की। इस अवसर पर आयोग के उप सचिव डॉ. तेजस्कर पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
दिनभर चले इस शिविर में आयोग के 135 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी शारीरिक जांच कराई और अनुभवी डॉक्टरों से स्वास्थ्य परामर्श लिया। शिविर में भाग लेने वाले लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य समस्याओं पर सीधी बात करने और आवश्यक जांच कराने का लाभ मिला।
शिविर में पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी व वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एस.एन.एस. यादव, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. प्रदीप यादव और वरिष्ठ अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव मिश्रा ने अपनी सेवाएं दीं। चिकित्सकों ने सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के अलावा गुर्दा, हड्डियों, जोड़ों, मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी तथा नस संबंधी विकारों से पीड़ित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय राय दी।
'दवा से पहले सलाह' अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में बिना चिकित्सीय परामर्श के दवा लेने की बढ़ती आदत पर रोक लगाना है। शिविर में लोगों को यह समझाया गया कि किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी महसूस होने पर खुद दवा खरीदने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। समय रहते बीमारी की पहचान और नियमित जांच से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
एपेक्स गोयल हॉस्पिटल की मार्केटिंग प्रमुख रितिका उपाध्याय के अनुसार यह प्रयास आमजन को सही समय पर सही चिकित्सकीय परामर्श चुनने के लिए प्रेरित करता है। व्यस्त दिनचर्या के बीच आयोग कार्यालय में आयोजित इस शिविर से कर्मचारियों को कार्यस्थल पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलीं, जिससे निवारक स्वास्थ्य देखभाल को लेकर सतर्कता बढ़ी।
What's Your Reaction?