उत्तर प्रदेश वृक्षारोपण महाअभियान: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण महाअभियान के तहत उद्यान विभाग 1.5 करोड़ पौधे लगाएगा। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कार्ययोजना की समीक्षा की।
उत्तर प्रदेश को पर्यावरण के लिहाज से अधिक समृद्ध और हरा-भरा बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश पर राज्य में एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक 'वृक्षारोपण महाअभियान' के अंतर्गत उद्यान विभाग ने अकेले 1.5 करोड़ पौधों के रोपण का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है, जो राज्य के हरित आवरण को मजबूत करने में सहायक होगा। इस महाअभियान की तैयारियों को लेकर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने विभाग के आला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में एक ही दिन के भीतर कुल 35 करोड़ पौधों को रोपने का बड़ा लक्ष्य है, जिसमें उद्यान विभाग सबसे आगे बढ़कर काम कर रहा है।
विभागीय समीक्षा के दौरान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस बार का पूरा पौधारोपण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत ही संपन्न कराया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक पौधे को किसी न किसी रूप में मां के प्रति आदर या उनकी स्मृति से जोड़ा जाएगा। सरकार का प्रयास है कि इस मुहिम में आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की पूरी भागीदारी सुनिश्चित कर इसे एक बड़े जनआंदोलन में बदल दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस कार्य को महज एक सरकारी औपचारिकता न मानकर हर व्यक्ति के भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ने की नीति अपनाई है।
इस महाअभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए समीक्षा बैठक में कई कड़े नियम और दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में संचालित होने वाले प्रत्येक शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) परिसर में कम से कम 1000 पौधे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही उद्यान विभाग के नियंत्रण में आने वाली सभी सरकारी भूमियों, खाली पड़े क्षेत्रों और सरकारी पौधशालाओं (नर्सरियों) की रिक्त जमीनों पर सघन वन विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।
कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसानों के बीच फलदार और छायादार पौधों का पूरी तरह निशुल्क वितरण करने के लिए शासन से जरूरी स्वीकृतियां जल्द प्राप्त की जाएं। इस अभियान में नीम, जामुन, पीपल, पाकड़, बरगद, इमली, बेल, अर्जुन, सहजन, आम, महुआ और आंवला जैसी देशी, छायादार और औषधीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने साफ किया कि अभियान की सफलता सिर्फ गड्ढे खोदकर पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने से आंकी जाएगी। इसके लिए रोपे जाने वाले शत-प्रतिशत पौधों की स्थान सहित ऑनलाइन जियो-टैगिंग की जाएगी। लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने और समय पर पानी देने के लिए रख-रखाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला उद्यान अधिकारियों को अपने-अपने ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों के साथ बैठक कर इस पूरी रणनीति को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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