यूपी से मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू, फिर भी बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम से होगी जोरदार बारिश
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी हिस्सों से मानसून की रवानगी के आसार बन रहे हैं। वहीं बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से जल्द ही बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में मौसमी गतिविधियों में सुस्ती आने के साथ ही पश्चिमी अंचल से मानसून की रवानगी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनने लगी हैं। राज्य में किसी प्रभावी मौसमी प्रणाली के सक्रिय न रहने के कारण पिछले दिनों प्रादेशिक वर्षा में भारी कमी दर्ज की गई है। इस ठहराव के चलते राज्य में मानसूनी बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य दीर्घकालिक औसत से छह प्रतिशत नीचे चला गया है और पश्चिमी जिलों में मौसम शुष्क बना हुआ है। इसके दृष्टिगत अगले दो से तीन दिनों के दौरान पश्चिमी क्षेत्र से मानसून धीरे-धीरे विदा हो सकता है।
हालांकि मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह शुष्क दौर ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा। मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र निरंतर सक्रिय होकर और अधिक प्रभावी हो रहा है। इस तंत्र के पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट की तरफ अग्रसर होने की पूरी संभावना है।
इस समुद्री प्रणाली के प्रभाव से राज्य में बादलों का नया चक्र प्रवेश करेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह नया तंत्र सबसे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा का नया सिलसिला आरंभ करेगा, जिसके बाद बादलों की यह सक्रियता पश्चिमी अंचल तक भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। ऐसे में जहां एक तरफ मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ नए चक्रवात तंत्र के असर से कई जनपदों में तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद बन गई है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को तापमान में फेरबदल का अनुभव होगा।
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