यूपी में दलहन के मुफ्त मिनीकिट के लिए पोर्टल पर करें आवेदन, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की योजनाओं की समीक्षा
उत्तर प्रदेश में किसानों को दलहन मिनीकिट के लिए पोर्टल पर आवेदन का आह्वान किया गया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने फसल बीमा और केसीसी ऋण की भी समीक्षा की।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों से दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संचालित मुफ्त मिनीकिट योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधान भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में दलहन और तिलहन बीज मिनीकिट वितरण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड ऋण वितरण की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे एग्रीदर्शन यूपी पोर्टल पर जाकर बिना किसी देरी के बीज पैकेट के लिए अपना पंजीकरण कराएं।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि राज्य में चना, मटर और मसूर के प्रमाणित दलहन मिनीकिट वितरण का नब्बे प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। कुल दो लाख नौ हजार से अधिक पैकेट के लक्ष्य के सापेक्ष एक लाख अठासी हजार से अधिक पैकेट की बुकिंग हो चुकी है। तोरिया मिनीकिट में भी अस्सी प्रतिशत बुकिंग दर्ज की गई है। मंडलीय स्तर पर चित्रकूट और बरेली ने तोरिया वितरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जबकि दलहन मिनीकिट की बुकिंग में मेरठ और कानपुर मंडल अग्रणी रहे। इसके अलावा अमरोहा, रायबरेली और हमीरपुर जिलों में भी किसानों ने पोर्टल पर भारी उत्साह दिखाया है।
फसल सुरक्षा तंत्र को सशक्त बनाते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में भी व्यापक विस्तार दर्ज हुआ है। राज्य में बीमित कृषकों की संख्या तेईस लाख से अधिक पहुंच गई है, जिसके अंतर्गत चौरासी लाख से अधिक आवेदन दर्ज किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड के सापेक्ष फसल बीमा आच्छादन बढ़कर चौरासी प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसमें सार्वजनिक और सहकारी बैंकों की भागीदारी अस्सी प्रतिशत से अधिक रही है। इसके साथ ही प्राकृतिक व स्थानीय आपदा से प्रभावित पात्र मामलों में से छियासी प्रतिशत पर त्वरित सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
कृषि ऋण वितरण के मोर्चे पर भी तेजी से कार्य हो रहा है। चालू खरीफ मौसम के लिए तय पचासी हजार करोड़ रुपये से अधिक के फसली ऋण लक्ष्य में से अड़सठ प्रतिशत राशि किसानों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड वितरण में बानवे प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर ली गई है। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, विशेष सचिव संजीव रंजन, निदेशक कृषि डॉ. टी.एम. त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल रहे।
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