वाराणसी एयर शो: लड़ाकू विमानों की गर्जना से कानों की सुरक्षा के लिए ईयरबड्स की सलाह, 6 जिलों के डॉक्टरों की टीम तैनात
वाराणसी एयर शो के दौरान लड़ाकू विमानों के तेज शोर से बचाव के लिए दर्शकों को ईयरबड्स लगाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 6 जिलों के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
- काशी में एयर शो को लेकर बड़ा मेडिकल अलर्ट, दर्शक साथ रखें ईयरबड्स, एलबीएस अस्पताल में 30 बेड रिजर्व
- एयरक्राफ्ट के भारी शोर से बचाव के निर्देश, वाराणसी एयर शो के लिए पड़ोसी जिलों से बुलाए गए डॉक्टर और एंबुलेंस
- वाराणसी एयर शो में जुटने वाली भीड़ और सुरक्षा पर प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 6 जिलों से पहुंचे चिकित्सक
वाराणसी में होने वाले भव्य एयर शो को लेकर प्रशासन ने दर्शकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रदर्शन के दौरान एक साथ कई लड़ाकू और सैन्य एयरक्राफ्ट उड़ान भरेंगे, जिससे उत्पन्न होने वाली तीव्र ध्वनि तरंगें कानों पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं। इस तेज आवाज के प्रभाव से बचने के लिए कार्यक्रम देखने आने वाले नागरिकों को कानों में ईयरबड्स, ईयरप्लग या कान पूरी तरह ढकने वाले किसी अन्य सुरक्षित साधन का उपयोग करने की हिदायत दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सुपरसोनिक और लड़ाकू विमान जब कम ऊंचाई पर करतब दिखाते हैं, तो उनकी आवाज का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक हो जाता है। ऐसे में खासकर बुजुर्गों, हृदय रोगियों और बच्चों के कानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
छह पड़ोसी जिलों से बुलाई गई डॉक्टरों की टीम
एयर शो के दौरान लाखों की संख्या में दर्शकों के जुटने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक आपातकालीन योजना तैयार की है। वाराणसी की स्थानीय स्वास्थ्य टीमों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए पूर्वांचल के छह प्रमुख जिलों से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मीरजापुर, चंदौली और भदोही शामिल हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल में 30 बेड का एक विशेष वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। इसके अलावा आयोजन स्थल और प्रमुख मार्गों पर निरंतर एंबुलेंस सेवा सक्रिय रखने की व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी दर्शक की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाया जा सके।
रामनगर जोनल कार्यालय बना नोडल केंद्र, बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम
गंगा के दूसरी तरफ के पूरे आयोजन क्षेत्र में समन्वय बनाए रखने के लिए रामनगर जोनल कार्यालय को नोडल केंद्र बनाया गया है। यहां से भीड़ प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति और साफ-सफाई की निगरानी की जाएगी। विशाल जनसमूह को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आजमगढ़, जौनपुर, मीरजापुर, प्रतापगढ़ और चंदौली से सैकड़ों पानी के टैंकर और मोबाइल सुलभ शौचालय मंगाए गए हैं। प्रशासन द्वारा इन सभी संसाधनों का ब्लॉकवार आवंटन कर विभिन्न सेक्टरों में तैनात करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि घाटों और रेतीले क्षेत्र में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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