वाराणसी में एयर शो की भव्य तैयारियां, बाबतपुर से नमो घाट तक काशी की कला और संस्कृति से सजीं दीवारें

वाराणसी में होने वाले भव्य एयर शो के लिए सजाई जा रही काशी। बाबतपुर हवाई अड्डे से नमो घाट तक मार्गों, पुलों और दीवारों पर दिखेगी गंगा घाटों की छटा।

By INA News Desk
Oct 19, 2026 - 21:54
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वाराणसी में एयर शो की भव्य तैयारियां, बाबतपुर से नमो घाट तक काशी की कला और संस्कृति से सजीं दीवारें

आगामी बहुप्रतीक्षित एयर शो के स्वागत के लिए धर्म नगरी काशी को नया और आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। विमानों के करतब देखने देश-दुनिया से आने वाले मेहमानों को शहर की प्राचीन संस्कृति से रूबरू कराने के लिए बाबतपुर हवाई अड्डे से लेकर नमो घाट तक विस्तृत सौंदर्यीकरण अभियान चलाया जा रहा है।

इस पूरे मार्ग पर पड़ने वाले भवनों, फ्लाईओवरों, अंडरपास और सार्वजनिक दीवारों को सलीके से सजाया जा रहा है। नगर की दीवारों पर मां गंगा की अविरल धारा, घाटों के विहंगम दृश्य और भोर की अलौकिक सुबहे-बनारस की छटा उकेरी जा रही है, ताकि शहर में कदम रखते ही आगंतुकों को यहां के गौरवशाली इतिहास और परंपरा का जीवंत अहसास हो सके।

वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के अनुसार, काशी की वैश्विक साख उसकी आध्यात्मिक विरासत, शास्त्रीय परंपरा और सांस्कृतिक बहुरंगीयता में रची-बसी है। इसी गरिमा को केंद्र में रखकर बाबतपुर से नमो घाट तक भित्ति चित्रों, म्यूरल कला और विशेष प्रकाश सज्जा के माध्यम से सड़कों का रूप संवारा जा रहा है।

प्रमुख रास्तों पर मां गंगा की आरती, साधु-संतों की तपस्थली और काशी के पुरातन संगीत घराने से जुड़ी आकृतियां बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही नमो घाट मार्ग के डिवाइडरों पर शिव आराधना के प्रतीक डमरू, त्रिशूल और ॐ अंकित ध्वज लगाए जा रहे हैं, जो पूरे मार्ग को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देंगे।

शहर के दृश्य में एकरूपता और अनुशासन लाने के लिए चौकाघाट से नमो घाट के बीच स्थित सभी दुकानों और व्यावसायिक भवनों को एक समान रंग में रंगा जा रहा है। प्रमुख पुलों और पेड़ों पर विशेष फसाड रोशनी तथा मार्ग के खंभों पर घुमावदार स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। सजावट की इस कड़ी में भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ के प्रसंगों और काशी के शास्त्रीय गायन-वादन की समृद्ध विधाओं को भी कलाकृतियों के जरिए प्रमुखता दी गई है।

हवाई अड्डे से लेकर नमो घाट तक रोशनी और कलात्मक स्तंभों का जाल बिछाया जा रहा है। चौकाघाट सेतु पर कलात्मक मोटिफ खंभे स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि गया घाट और नमो घाट के तटीय हिस्सों पर रंग-रोगन का कार्य अंतिम दौर में है।

बाबतपुर से अतुलानंद और आगे नमो घाट तक पेड़ों और ओवरब्रिजों को विशेष रोशनी से सजाने के बाद पूरी सड़क रात में सुनहरे प्रकाश से जगमगा उठेगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य एयर शो के बहाने शहर के बुनियादी ढांचे को आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाना है, जिससे काशी का वैभव वैश्विक पटल पर और अधिक निखरकर सामने आए।

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