वाहन पंजीकरण नियमों में बड़ा बदलाव: अब रजिस्ट्रेशन से पहले टेस्टिंग लेन में होगी बॉडी की अनिवार्य जांच
वाहन पंजीकरण नियमों में अहम बदलाव हुआ है। अब नए और व्यावसायिक वाहनों के पंजीकरण से पहले टेस्टिंग लेन में उनकी बॉडी और तकनीकी मानकों की जांच कराना अनिवार्य होगा।
- बिना टेस्टिंग लेन जांच के नहीं होगा नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन, परिवहन विभाग ने कड़े किए नियम
- वाहन खरीददारों के लिए जरूरी खबर: बॉडी स्पेसिफिकेशन और सुरक्षा जांच पास करने के बाद ही मिलेगा नंबर
- देहरादून में वाहन पंजीकरण की व्यवस्था बदली, ऑटोमेटेड टेस्टिंग लेन में परखी जाएगी गाड़ियों की बनावट
परिवहन विभाग ने वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी वाहन का स्थायी पंजीकरण (Registration) जारी करने से पहले ऑटोमेटेड टेस्टिंग लेन में उसकी बॉडी, तकनीकी बनावट और सुरक्षा मानकों की अनिवार्य जांच कराई जाएगी। टेस्टिंग लेन में मानकों पर खरा उतरने और सत्यापन प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही वाहन पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम प्रक्रिया पूरी होगी।
यह व्यवस्था मुख्य रूप से उन वाहनों के लिए बेहद प्रभावी होगी जहां चेसिस पर अलग से बॉडी का निर्माण कराया जाता है, जैसे बसें, ट्रक और अन्य वाणिज्यिक अथवा कस्टमाइज्ड वाहन। इसके अलावा नए यात्री वाहनों के भी विनिर्माण मानकों और सुरक्षा नियमों की भौतिक जांच सुनिश्चित की जाएगी।
- टेस्टिंग लेन में जांच की जरूरत क्यों पड़ी?
सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन न होना और कई व्यावसायिक वाहनों में स्वीकृत डिजाइन से हटकर अनधिकृत बदलाव किया जाना सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनता रहा है। कई बार वाहन मालिक स्वीकृत लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई के विपरीत बॉडी का निर्माण करा लेते हैं, जिससे वाहन का गुरुत्व केंद्र (Center of Gravity) असंतुलित हो जाता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद टेस्टिंग लेन में आधुनिक सेंसर और कैमरों की मदद से वाहन के आयाम, चेसिस की मजबूती, बॉडी का ढांचा, परावर्तक टेप (Reflective Tape) और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी। मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम होने से किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या अवैध मॉडिफिकेशन को पकड़ना आसान होगा।
- वाहन स्वामियों और डीलरों के लिए नई प्रक्रिया
नियमों में हुए इस बदलाव का सीधा असर वाहन डीलरों और नए खरीदारों पर पड़ेगा। अब तक अधिकांश मामलों में कागजी दस्तावेजों और डीलर स्तर पर स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ जाती थी। अब वाहन को अधिकृत टेस्टिंग लेन से गुजारना होगा। जांच के दौरान यदि वाहन का ढांचा केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (CMVR) के निर्धारित मापदंडों के विपरीत पाया गया, तो उसका रजिस्ट्रेशन तब तक रोक दिया जाएगा जब तक कमियों को दुरुस्त नहीं कर लिया जाता। विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल सड़कों पर सुरक्षित वाहन उतरेंगे, बल्कि गैर-मानक बॉडी निर्माण पर भी पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकेगा।
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