उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को मिल सकती है मंजूरी, छठे राज्य वित्त आयोग पर भी निर्णय संभव
उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट को मंजूरी मिल सकती है। बैठक में छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों पर भी विचार किए जाने की संभावना है।
- देहरादून में धामी कैबिनेट की अहम बैठक: अनुपूरक बजट और राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों पर मुहर लगने के आसार
- उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक आज: विकास योजनाओं के लिए अनुपूरक बजट और निकायों से जुड़े प्रस्ताव एजेंडे में
- वित्तीय प्रस्तावों पर केंद्रित होगी उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक, छठे राज्य वित्त आयोग को लेकर फैसले की उम्मीद
उत्तराखंड मंत्रिमंडल की आगामी बैठक वित्तीय और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है। सचिवालय में प्रस्तावित इस बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) के प्रारूप को मंजूरी मिलने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर भी विचार-विमर्श कर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है, जिससे त्रिस्तरीय पंचायतों और स्थानीय शहरी निकायों को वित्तीय आवंटन का रास्ता साफ हो सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में विभिन्न विभागों के नीतिगत और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। वित्त विभाग द्वारा तैयार किए गए अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखा जाएगा, ताकि राज्य की निर्माणाधीन और नई विकास योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए जा सकें।
- अनुपूरक बजट से विकास कार्यों को गति
राज्य के विभिन्न विभागों से प्राप्त मांगों और प्राथमिकता वाली योजनाओं के आधार पर अनुपूरक बजट तैयार किया गया है। आपदा प्रबंधन, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता को पूरा करने के लिए यह बजट जरूरी माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के मूल बजट के क्रियान्वयन के बाद जिन परियोजनाओं में अतिरिक्त बजट की जरूरत सामने आई है, उन्हें इसमें शामिल किया गया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे औपचारिक रूप से विधायी प्रक्रिया के लिए अग्रसारित किया जाएगा।
- छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों पर रहेगी नजर?
बैठक का एक अन्य प्रमुख बिंदु छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और उसकी सिफारिशें हैं। राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के लागू होने से जिला पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों को राज्य के कर राजस्व में मिलने वाली हिस्सेदारी तय होती है। यदि कैबिनेट इन सिफारिशों को स्वीकार करती है, तो स्थानीय निकायों को विकासात्मक कार्यों के संचालन, कर्मचारियों के दायित्वों के निर्वहन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त बैठक में सेवा नियमावलियों में संशोधन और रोजगार से जुड़े कुछ विभागीय प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है।
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