New Delhi: रामभद्राचार्य पर अखिलेश यादव की अभद्र टिप्पणी सनातन का अपमान- रीना एन सिंह
सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट, योगी आदित्यनाथ लोक कल्याण के पथ पर नामक पुस्तक की लेखिका एवं सनातन, हिंदुत्व व गौमाता के लिए लगातार
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट, योगी आदित्यनाथ लोक कल्याण के पथ पर नामक पुस्तक की लेखिका एवं सनातन, हिंदुत्व व गौमाता के लिए लगातार काम करने वाली रीना एन सिंह ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के द्वारा रामभद्राचार्य पर की गई टिप्पणी की निंदा की है, अखिलेश यादव ने पिछले दिनों शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर रामभद्राचार्य को निशाने पर लेते हुए कहा था कि 420 के मामले में उनकी सरकार को रामभद्राचार्य को जेल भेज देना चाहिए था उन्हें जेल ना भेज कर गलती हो गई थी भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान संपूर्ण सनातन का अपमान है क्योंकि रामभद्राचार्य जी महाराज के ऊपर कभी कोई मुकदमा दर्ज हुआ ही नहीं था।
वह एक प्रतिष्ठित संत है उनके करोड़ों अनुयायियों को अखिलेश यादव के इस बयान से कष्ट पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के पिता की समाजवादी सरकार ने ही राम भक्तों पर गोली चलवाई थी इसलिए उनको शंकराचार्य और सनातन की चिंता नहीं करनी चाहिए, वह सनातन के कितने बड़े हितैषी है पूरा देश जानता है। शंकराचार्य मामले में कौन दोषी है इसका फैसला अदालत करेगी। उन्होंने कहा कि सारी चीज न्यायालय के समक्ष है अदालत किसी के दबाव में फैसला नहीं करता है अदालत साक्ष्य के आधार पर अपना निर्णय करेगा लेकिन कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देना चाहते हैं।
एडवोकेट रीना एन सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव अपने मुख्यमंत्री रहने के दौरान किन लोगों के पास आशीर्वाद लेने के लिए जाते थे उनको यह भी स्पष्ट करना चाहिए। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह अविमुक्तेश्वरानंद के ऊपर आरोप लगाने वाले बटुकों के पैरोकार आशुतोष महाराज की भी अधिवक्ता हैं।
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