अलीगढ़ में सीएम आवास योजना से महिलाओं को मिला पक्का मकान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की नई मिसाल
मुख्यमंत्री आवास योजना से अलीगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को मिला पक्के मकान का मालिकाना हक। 1500 से अधिक परिवारों का सुरक्षित आशियाने का सपना हुआ पूरा।
अलीगढ़ के ग्रामीण अंचलों में मुख्यमंत्री आवास योजना निर्धन परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान का बड़ा माध्यम साबित हो रही है। इस पहल ने न केवल बेसहारा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित छत दी है, बल्कि घर का सीधा मालिकाना हक महिलाओं के नाम देकर उन्हें समाज में एक सशक्त पहचान भी दिलाई है। अकराबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत टुआमई की निवासी बेबी का जीवन इस बड़े बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है। एक दशक तक जर्जर और कच्चे कमरे में कठिनाइयों भरा जीवन बिताने के बाद आज वह अपने पक्के मकान की स्वामिनी बनकर आत्मविश्वास के साथ जीवन जी रही हैं।
कच्ची दीवारों और बारिश में टपकती छत के साए में गुजरे बरसों को याद करते हुए बेबी बताती हैं कि आर्थिक तंगी के चलते स्वयं के बलबूते पक्की छत की व्यवस्था करना असंभव प्रतीत होता था। बरसात के दिनों में हर समय गिरने का भय बना रहता था। शासन की आवासीय योजना से स्वीकृति मिलने के बाद अनुदान की राशि सीधे बैंक खाते में पहुंची, जिससे उन्होंने मजबूत और सुरक्षित निर्माण कार्य पूरा कराया। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान के तहत मिले सहयोग से पक्के शौचालय की सुविधा भी प्राप्त हुई। अब घर में बच्चों की पढ़ाई के लिए शांत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सका है।
जिले के विकास अधिकारियों के अनुसार इस जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन का मुख्य जोर जरूरतमंद परिवारों को पक्के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देकर उनके रहन-सहन के स्तर को ऊपर उठाना है। अलीगढ़ के विभिन्न ब्लॉकों में अब तक पंद्रह सौ से अधिक परिवारों को इस व्यवस्था के तहत अपना आशियाना मिल चुका है, जबकि आगामी चरणों में एक हजार से अधिक अन्य पात्र परिवारों को भी लाभान्वित करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम चल रहा है। योजना के जरिए घर का स्वामित्व पाकर ग्रामीण महिलाएं न केवल सुरक्षित महसूस कर रही हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी उनके आत्मसम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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