इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों को बड़ी राहत- प्रयागराज में ₹543.40 करोड़ से बनेंगे 845 नए सरकारी आवास
योगी कैबिनेट ने प्रयागराज के देवघाट झलवा में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए ₹543.40 करोड़ की लागत से 845 नए सरकारी आवासों के निर्माण को मंजूरी दी।
लखनऊ। प्रयागराज स्थित इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायिक व प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ करने और अधिकारियों की वर्षों पुरानी आवासीय समस्या के स्थायी समाधान के लिए योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए बहुमंजिला सरकारी आवासों के निर्माण प्रस्ताव को प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजना पर कुल 543.4075 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है, जिसके त्वरित क्रियान्वयन हेतु ₹50 करोड़ की शुरुआती किस्त अवमुक्त करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई है।
कैबिनेट निर्णयों की आधिकारिक जानकारी देते हुए प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस परियोजना के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट के क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के राजपत्रित अधिकारियों के लिए आधुनिक मानकों के अनुरूप टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 आवासों का निर्माण किया जाएगा।
1,866 कार्यरत अधिकारियों के पास उपलब्ध थे मात्र 128 आवास हाईकोर्ट प्रशासन में अधिकारियों के आवासों की भारी कमी का विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के कुल 2,607 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 1,866 पदों पर अधिकारी पूर्ण निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन शासन के पास अब तक उनके लिए केवल 128 फ्लैट/आवास ही उपलब्ध थे। आवासीय संकट के चलते लंबे समय से अधिकारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था और वे सरकारी आवास की प्रतीक्षा में थे। इस भीषण अंतर को पाटने के लिए सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर आवासीय परिसर के निर्माण का खाका तैयार किया है।
देवघाट झलवा की 10.37 एकड़ भूमि पर बनेगा आधुनिक आवासीय परिसर स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, यह आवासीय परिसर प्रयागराज के देवघाट झलवा क्षेत्र में चिन्हित 10.37 एकड़ प्राइम भूमि पर विकसित किया जाएगा। टाउनशिप में सभी बुनियादी नागरिक सुविधाएं, चौड़ी सड़कें, निर्बाध विद्युत व जलापूर्ति तथा हरित क्षेत्र की व्यवस्था होगी। इस परियोजना के लिए पूर्व में ₹560.0420 करोड़ का प्रारंभिक आगणन तैयार किया गया था।
व्यय वित्त समिति से ₹543.40 करोड़ अनुमोदित, ₹50 करोड़ तत्काल जारी 30 जून 2026 को आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की उच्चस्तरीय बैठक में परियोजना की विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय समीक्षा के उपरांत संशोधित लागत ₹543.4075 करोड़ अनुमोदित की गई थी। वित्त विभाग की सहमति के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस संपूर्ण धनराशि की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। निर्माण कार्य को गति देने के लिए पहली किस्त के रूप में 50 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं। इस परियोजना के पूरा होने से इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षित, गरिमापूर्ण और सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर उपलब्ध हो सकेगा।
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