Lucknow: 09 मंडलों की समीक्षा बैठक में आयुष मंत्री सख्त, बोले- मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता। 

प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एमओएस) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने आज

By INA News Desk
May 13, 2026 - 19:36
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Lucknow: 09 मंडलों की समीक्षा बैठक में आयुष मंत्री सख्त, बोले- मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता। 
09 मंडलों की समीक्षा बैठक में आयुष मंत्री सख्त, बोले- मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता। 
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लखनऊ: प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एमओएस) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने आज यहाँ योजना भवन के सभागार में प्रदेश के झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, अगरा, मैरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, देवीपाटन एवं बरेली मण्डल के अंतर्गत जिलों के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक, यूनानी अधिकारी एवं जिला होम्योपैथिक अधिकारी के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी मण्डलीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आयुष अस्पतालों में चिकित्सकों की कार्यस्थल पर ससमय उपस्थिति सुनिश्चित की जाय एवं ओ0पी0डी0 में आये हुए मरीजों का समुचित उपचार किया जायें।

डॉ. दयालु ने अधिकारियों को सख्त रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। जहां पर दवाओं की कमी हो उसकी सूचना प्राथमिकता के आधार पर दी जाये, ताकि दवाओं को तत्काल उपलब्ध कराया जाए और रोगियों  का समय से पूरा उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों मे मांग और आवश्यकता के अनुसार दवाइयां खरीदी जाये, जो दवाइयाँ कॅामन हैं और उनकी अधिक मांग है उनकों प्राथमिकता के आधार पर खरीदें ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए।

आयुष मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी चिकित्सक प्रयास करें कि ओ0पी0डी0 में आए मरीजों को बाहर की दवा न लिखी जायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी आयुष चिकित्सालय (आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथ) में समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ओपीडी संख्या बढ़ाने का हरसम्भव प्रयास करें। जिससे कि अधिक से अधिक गरीबों एवं जरूरतमंद लोगों का उपचार सुचारू ढंग से किया जा सके। आयुष चिकित्सालयों में नियमित रूप से कैम्प लगाकर आमजनमानस को जागरूक कर मरीजों का उपचार करें। उन्होंने कहा कि बौध धर्म से जुड़े क्षेत्रों, जहाँ श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक रहता है, जैसे श्रावस्ती जनपद वहाँ ‘‘सोवा-रिग्पा’’ पद्धति के प्रचार प्रसार पर भी बल दिया जायें। आयुष मंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रदेश के सभी नागरिकों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में किसी भी अधिकारी के द्वारा कार्य करने में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी तथा संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 

आयुष मंत्री ने कहा कि आयुष चिकित्सालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं साफ-सफाई आदि पर विशेष ध्यान दिया जाये ताकि बुर्जुगों, महिलाओं और बच्चों को असुविधा न हो। चिकित्सालयों में हर्बल गॉर्डल के विकास हेतु अधिक से अधिक औषधीय पौधों के रोपड़ पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिये है। 
प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने मंत्री जी को विभाग की अद्यतन प्रगति केे विषय में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने मंत्री जी आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। बैठक में महानिदेशक आयुष चैत्रा वी0, निदेशक आयुर्वेद  डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथ डॉ. पी.के. सिंह, यूनानी निदेशक  प्रो. जमाल अख्तर सहित 09 मण्डलों के आयुष चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे। 

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