10 Circular Road: खाली हो रहा लालू-राबड़ी का ऐतिहासिक ठिकाना, नए सरकारी बंगले में रहने पहुंचे तेजस्वी यादव
बिहार राजनीति का केंद्र रहा 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली होने लगा है। लालू यादव आवास से बाहर निकले, तेजस्वी यादव 1 पोलो रोड स्थित नए सरकारी बंगले में शिफ्ट हुए।
- बिहार की राजनीति का बड़ा टर्निंग पॉइंट: लालू परिवार छोड़ रहा 10 सर्कुलर रोड बंगला, तेजस्वी यादव 1 पोलो रोड में हुए शिफ्ट
- 10 सर्कुलर रोड बंगले में मची भारी हलचल: बिना सुरक्षा तामझाम के निकले लालू यादव, तेजस्वी ने भी बदला अपना आशियाना
- बिहार राजनीति की बड़ी खबर: लालू परिवार का ऐतिहासिक '10 सर्कुलर रोड' आवास खाली करने का काउंटडाउन शुरू, तेजस्वी नए बंगले में शिफ्ट
बिहार की सियासत का सबसे बड़ा और सबसे चर्चित केंद्र रहे '10 सर्कुलर रोड' बंगले को खाली करने की प्रशासनिक और व्यावहारिक उल्टी गिनती शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हाल ही में बिना किसी बड़े सुरक्षा तामझाम और सादगी के साथ इस ऐतिहासिक आवास से बाहर निकल गए हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी फिलहाल बंगले के अंदर ही मौजूद हैं। वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने परिवार के साथ इस आवास से अपना सारा निजी सामान हटा लिया है और वे आधिकारिक तौर पर '1 पोलो रोड' स्थित अपने नए आवंटित सरकारी बंगले में पूरी तरह शिफ्ट हो चुके हैं। इस बड़े बदलाव के बाद पटना के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आरजेडी अब अपने आगामी राजनीतिक अभियानों का संचालन कहां से करेगी।
पटना का 10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक पता नहीं, बल्कि पिछले दो दशकों से बिहार की सत्ता, राजनीति, फैसलों और बड़े सियासी गठबंधनों का गवाह रहा है। सरकारी नियमों और बदले हुए राजनीतिक घटनाक्रमों के तहत अब इस बंगले को खाली करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को नया सरकारी आवास आवंटित होने के बाद, लालू परिवार ने इस परिसर से अपनी विदाई की तैयारी शुरू कर दी है। तेजस्वी यादव का नया ठिकाना अब 1 पोलो रोड बन गया है, जो पटना के हाई-सिक्योरिटी जोन का एक अन्य प्रमुख वीआईपी बंगला है।
विगत कई वर्षों से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव इसी परिसर से अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रहे थे। सत्ता परिवर्तन और नए पदभार के आवंटन के बाद नियमों के मुताबिक इस बंगले को खाली करने का नोटिस और समयसीमा तय थी। इसके मद्देनजर पिछले कुछ दिनों से बंगले के भीतर सामानों की पैकिंग और कूरियर गाड़ियों का आना-जाना देखा जा रहा था।
घटनाक्रम के अनुसार, लालू प्रसाद यादव बेहद शांत और बिना किसी तामझाम के गाड़ी में बैठकर आवास से रवाना हुए। उनके साथ कोई अतिरिक्त सुरक्षा काफिला या कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ नहीं देखी गई, जो अमूमन उनके साथ दिखाई देती है। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव ने समय रहते अपनी जवाबदेही दिखाते हुए सारा निजी साजो-सामान 1 पोलो रोड स्थित नए बंगले में भेज दिया है और वे स्वयं भी वहां स्थापित हो चुके हैं। फिलहाल केवल पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी इस विशाल बंगले के भीतर रह गई हैं, जिनके भी जल्द ही नए निर्धारित स्थान पर जाने की संभावना है।
इस पूरे स्थानांतरण पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह एक विशुद्ध प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका सम्मान करते हुए पार्टी के नेतृत्व ने आवास बदलने का फैसला किया है। आरजेडी के एक प्रवक्ता ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा, "लालू जी और तेजस्वी जी के लिए जनता का दिल सबसे बड़ा आशियाना है। सरकारी बंगले आते-जाते रहते हैं, लेकिन जो जुड़ाव 10 सर्कुलर रोड से बिहार की जनता का रहा है, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज रहेगा। नेता प्रतिपक्ष अब नए बंगले से जनता की आवाज उठाएंगे।"
वहीं, सत्ताधारी दल (NDA) के नेताओं ने इस पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नियमों के मुताबिक हर जनप्रतिनिधि को अपने तय पद के अनुरूप ही आवास में रहना होता है, और यह प्रक्रिया उसी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है।
10 सर्कुलर रोड के खाली होने का प्रभाव बिहार की जमीनी राजनीति पर काफी गहरा माना जा रहा है। इसी बंगले की लॉन और कमरों में बैठकर बिहार के कई ऐतिहासिक सियासी गठबंधन बने और टूटे हैं। चाहे वह महागठबंधन का स्वरूप तय करना हो या टिकटों का बंटवारा, यह स्थान कार्यकर्ताओं के लिए मक्का-मदीना की तरह रहा है। अब जब तेजस्वी यादव 1 पोलो रोड में शिफ्ट हो गए हैं, तो कार्यकर्ताओं का नया जमावड़ा वहां देखने को मिलेगा। इसके अलावा, पुराने बंगले के खाली होने से उस दौर की राजनीति का एक प्रतीकात्मक अंत भी देखा जा रहा है जो पूरी तरह से लालू-राबड़ी के दौर पर केंद्रित थी।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राबड़ी देवी इस बंगले से कब बाहर आती हैं और यह परिसर आधिकारिक रूप से राज्य के भवन निर्माण विभाग को कब सुपुर्द किया जाता है। विभाग के सूत्रों के अनुसार, बंगला पूरी तरह खाली होने के बाद इसकी मरम्मत और रंग-रोगन का काम किया जाएगा, ताकि इसे नए नियमों के तहत आवंटित किया जा सके। वहीं, तेजस्वी यादव ने 1 पोलो रोड से अपनी राजनीतिक रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है, जहां जल्द ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की औपचारिक बैठकें आयोजित होने की उम्मीद है।
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