Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत मामले में फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोग

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के खिलाफ पिंपरी-चिंचवड़ में कैंडललाइट मार्च निकाला गया, जिसमें उनके माता-पिता और सैकड़ों लोग शामिल हुए।

By INA News Desk
Jun 29, 2026 - 12:00
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Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत मामले में फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोग
Ketan Agarwal Murder Case
  • केतन अग्रवाल हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर पिंपरी-चिंचवड़ में कैंडललाइट मार्च, भावुक हुए माता-पिता
  • पुणे कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के खिलाफ कैंडललाइट मार्च, बिलखते माता-पिता ने मांगी न्याय की भीख
  • केतन अग्रवाल मर्डर केस: पिंपरी-चिंचवड़ में न्याय के लिए निकाला गया कैंडललाइट मार्च, रो पड़े माता-पिता

पुणे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में त्वरित न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में एक विशाल कैंडललाइट मार्च निकाला गया। इस शांतिपूर्ण मार्च में दिवंगत कारोबारी के बुजुर्ग माता-पिता, सगे-संबंधी, स्थानीय व्यापारी और सैकड़ों आम नागरिक शामिल हुए। हाल ही में घटित हुई इस संदिग्ध मौत की घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के व्यापारिक समुदाय और आम जनता में गहरा रोष है। कैंडललाइट मार्च के जरिए लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और तेज जांच करने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस फिलहाल विभिन्न कोणों से जांच को आगे बढ़ा रही है।

यह पूरा मामला पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के व्यापारिक हलकों से जुड़े रियल एस्टेट डेवलपर केतन अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से संबंधित है। परिजनों और स्थानीय व्यवसायियों का आरोप है कि यह सामान्य मौत या आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश और कथित हत्या की आशंका है। केतन अग्रवाल का शव कुछ समय पहले संदिग्ध स्थिति में बरामद हुआ था, जिसके बाद से ही उनका परिवार लगातार पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का दबाव बना रहा है। इस मामले में पुलिस ने शुरुआती तौर पर आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था, लेकिन परिजनों द्वारा दिए गए सुरागों और हत्या के आरोपों के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल रियल एस्टेट सेक्टर के एक उभरते हुए नाम थे और पिंपरी-चिंचवड़ व पुणे के आस-पास के क्षेत्रों में उनकी कई परियोजनाएं चल रही थीं। परिजनों का दावा है कि घटना वाले दिन केतन किसी व्यावसायिक बैठक के सिलसिले में घर से निकले थे, जिसके बाद उनका संपर्क परिवार से टूट गया। बाद में उनका शव बरामद होने की खबर आई, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

शनिवार शाम को आयोजित हुए कैंडललाइट मार्च में लोग पिंपरी-चिंचवड़ के मुख्य चौराहे पर एकत्रित हुए। हाथों में केतन अग्रवाल की तस्वीरें और 'जस्टिस फॉर केतन' की तख्तियां लिए लोग मौन जुलूस के रूप में आगे बढ़े। मार्च के दौरान केतन के माता-पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने रोते हुए वहां मौजूद मीडिया और जनता के सामने अपनी बात रखी और कहा कि जब तक उनके बेटे के गुनहगारों को बेनकाब नहीं किया जाता, वे चैन से नहीं बैठेंगे।

इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ित परिवार के कानूनी सलाहकार और केतन के पिता ने कहा, "हमारे बेटे को व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता या किसी वित्तीय रंजिश के चलते निशाना बनाया गया है। हमें स्थानीय पुलिस की शुरुआती ढुलमुल कार्रवाई पर संदेह था, इसलिए हमें सड़कों पर उतरना पड़ा। हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में की जाए।"

वहीं दूसरी तरफ, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कैंडललाइट मार्च और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए बयान जारी किया है। अधिकारी ने कहा, "पुलिस किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और केतन के डिजिटल फुटप्रिंट्स (मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स) की गहनता से फॉरेंसिक जांच की जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ जारी है, और कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"

इस कथित हत्याकांड का असर पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे के रियल एस्टेट सेक्टर पर साफ देखा जा रहा है। स्थानीय क्रेडाई (CREDAI) और अन्य व्यापारिक संगठनों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। कारोबारियों का कहना है कि डेवलपर्स की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए। इस मार्च ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को एक मंच पर ला दिया है, जिससे स्थानीय प्रशासन पर जल्द से जल्द गुत्थी सुलझाने का भारी दबाव बन गया है।

कैंडललाइट मार्च की समाप्ति पर प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ दिनों में जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं को सार्वजनिक किया जाएगा। यदि परिजनों के दावों के अनुसार हत्या के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी की जाएगी। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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