CERT-In Gets Claude Mythos Access - भारतीय साइबर सुरक्षा को मिला AI का कवच, अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक का टूल 'क्लॉड मिथोस' करेगा खतरों की पहचान

भारत की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In को अमेरिकी AI कंपनी एंथ्रोपिक के साइबर सुरक्षा AI टूल 'क्लॉड मिथोस' का एक्सेस मिल गया है। इससे डिजिटल सुरक्षा मजबूत होगी।

By INA News Desk
Nov 4, 2026 - 18:24
8 Views
CERT-In Gets Claude Mythos Access - भारतीय साइबर सुरक्षा को मिला AI का कवच, अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक का टूल 'क्लॉड मिथोस' करेगा खतरों की पहचान
Advertisement
Advertisement
  • India Cyber Security AI Upgrade - डिजिटल सिस्टम की कमियों पर पैनी नजर, CERT-In को मिला अमेरिकी AI टूल 'क्लॉड मिथोस' का खास एक्सेस
  • Anthropic Claude Mythos In India - साइबर हमलों से पहले अलर्ट होगा भारत, अमेरिकी AI तकनीक से मजबूत होगी देश की डिजिटल सुरक्षा
  • Tech & Cyber Defense News - एडवांस AI से लैस हुआ CERT-In, वल्नरैबिलिटी और साइबर थ्रेट्स से निपटने के लिए तैनात होगा क्लॉड मिथोस

देश के महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे को साइबर हमलों और डेटा सेंधमारी से बचाने के लिए भारत सरकार ने अपनी तकनीकी क्षमताओं को और अधिक अपग्रेड किया है। भारत की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी 'कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम' (CERT-In) को अमेरिका की अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के विशेष साइबर सुरक्षा एआई मॉडल 'क्लॉड मिथोस' (Claude Mythos) का सीधा एक्सेस मिल गया है।

बढ़ते डिजिटल लेन-देन और सरकारी व निजी नेटवर्कों पर मंडराते परिष्कृत साइबर खतरों के बीच इस तरह के नेक्स्ट-जेनरेशन एआई टूल्स का उपयोग देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त माना जा रहा है।

  • सिस्टम की कमियों और साइबर थ्रेट्स की होगी एडवांस ट्रैकिंग

सर्ट-इन द्वारा 'क्लॉड मिथोस' का उपयोग भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम के व्यापक विश्लेषण के लिए किया जाएगा। यह टूल जटिल कोड बेस, सर्वर आर्किटेक्चर और नेटवर्क ट्रैफिक को अत्यधिक गति से स्कैन करने में सक्षम है:

वल्नरैबिलिटी असेसमेंट: यह सॉफ्टवेयर और सिस्टम में मौजूद उन सूक्ष्म खामियों या लूपहोल्स की पहचान करेगा, जिनका फायदा हैकर्स 'जीरो-डे' हमलों के दौरान उठा सकते हैं।

पूर्वानुमान आधारित सुरक्षा: यह संभावित साइबर हमलों और मैलवेयर पैटर्न का समय रहते विश्लेषण कर सुरक्षा टीमों को अलर्ट भेजेगा, जिससे घटना घटने से पहले ही एहतियाती कदम उठाए जा सकेंगे।

त्वरित इंसिडेंट रिस्पॉन्स: किसी भी सिस्टम में संदिग्ध गतिविधि दिखने पर यह स्वचालित रूप से खतरे की गंभीरता का मूल्यांकन कर सुधारात्मक कदमों की सिफारिश करेगा।

  • एंथ्रोपिक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

एंथ्रोपिक का क्लॉड मॉडल परिवार अपनी सुरक्षित और जिम्मेदार एआई (Constitutional AI) कार्यप्रणाली के लिए जाना जाता है। साइबर सुरक्षा के उद्देश्य से तैयार किया गया 'क्लॉड मिथोस' मॉडल विशेष रूप से दुर्भावनापूर्ण कोड की पहचान करने और रक्षात्मक साइबर अभियानों को सटीक इनसाइट्स देने के लिए डिजाइन किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सरकारी और रणनीतिक बुनियादी ढांचों पर स्टेट-स्पॉन्सर्ड और रैंसमवेयर हमलों में तेजी आई है। ऐसे में भारतीय एजेंसी सर्ट-इन का इस स्तर के एडवांस एआई मॉडल से लैस होना देश के बैंकिंग, ऊर्जा, टेलीकॉम और रक्षा से जुड़े डिजिटल सिस्टम्स को अभेद्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

Also Read- IND vs NZ 3rd T20I - चोट से नहीं उबर पाए ईशान किशन, न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले से भी हुए बाहर

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement