योगी कैबिनेट के 22 बड़े फैसले- शिक्षणेतर कर्मियों को कैशलेस इलाज, प्रगति रोबोटिक्स पार्क और 4 लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी
योगी कैबिनेट की बैठक में 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। शिक्षणेतर कर्मियों को कैशलेस इलाज, रोबोटिक्स पार्क, 4 लिंक एक्सप्रेसवे और साइबर सेंटर की स्वीकृति।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में राज्य के चौमुखी विकास, डिजिटल सुरक्षा, स्वास्थ्य कल्याण और ढांचागत विस्तार से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई। कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों में माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेतर कार्मिकों और उनके परिजनों को कैशलेस चिकित्सा सुरक्षा का उपहार, राज्य में हाई-टेक नवाचार के लिए 'प्रगति रोबोटिक्स पार्क' की स्थापना, चार प्रमुख लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण और साइबर सुरक्षा तंत्र के सुदृढ़ीकरण से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं।
शिक्षणेतर कर्मचारियों और आश्रितों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा कैबिनेट ने शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेतर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा का दायरा प्रदान किया है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन बेसिक शिक्षा परिषद, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों, वित्तविहीन स्कूलों और समग्र शिक्षा परियोजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षणेतर कार्मिकों तथा उनके आश्रित परिजनों को भी इस कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था से लाभान्वित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
प्रगति रोबोटिक्स पार्क और यूपी साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर प्रदेश को रोबोटिक्स और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का राष्ट्रीय हब बनाने के लिए 'प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन' (प्रगति / PRAGATI) रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने हेतु आईआईटी कानपुर के 'C3iHub' के माध्यम से 'उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर' (UP-CSOC) की स्थापना को हरी झंडी दी गई, जो संस्थागत स्तर पर साइबर खतरों से निपटने में सक्षम होगा।
चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं का चयन यूपीडा (UPEIDA) द्वारा ईपीसी पद्धति पर विकसित किए जाने वाले चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के लिए विकासकर्ताओं के चयन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं से अंतर्क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुगम होगी और नए औद्योगिक गलियारों का विस्तार होगा।
सैनिक स्कूल मैनपुरी को भूमि और बुंदेलखंड में नए भंडारगृह सैनिक स्कूल, मैनपुरी के विस्तार व निर्माण कार्यों हेतु ग्राम नौनेर (तहसील व जनपद मैनपुरी) स्थित 9.524 हेक्टेयर भूमि रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसाइटी को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी और ललितपुर जनपदों में कृषि उपज भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को भंडारगृहों के निर्माण हेतु निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ के लिए विकास योजनाएं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के श्रेणी-1 एवं श्रेणी-2 के अधिकारियों के लिए प्रयागराज के देवघाट झलवा में 845 बहुमंजिला आवासीय इकाइयों (533 टाइप-3 और 312 टाइप-4) के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रयागराज के सिविल स्टेशन स्थित किताब घर नजूल भूखंड को नगर निगम को ऑडिटोरियम एवं वर्किंग वूमेन हॉस्टल निर्माण हेतु आवंटित किया गया। वहीं अमृत-2.0 के अंतर्गत लखनऊ और वाराणसी नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व सीवरेज नेटवर्क से जुड़ी सात बड़ी परियोजनाओं के व्यय प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
जल परिवहन नियमावली और वैश्विक निवेश नीतियां कैबिनेट ने राज्य में अंतर्देशीय जलमार्गों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु 'उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली, 2026' के प्रख्यापन और राज्य पशुधन मिशन से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके अलावा एफडीआई, एफसीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल-500 व इंडिया-500 प्रोत्साहन नीति-2023 और उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 के अंतर्गत उच्चस्तरीय समितियों द्वारा अनुमोदित निवेश प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगाई गई, जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और उच्च-कौशल वाले तकनीकी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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