UP TGT 17,735 भर्ती में आरक्षण पर विवाद निराधार: चयन आयोग ने दी सफाई, जानिए क्या है 'एकल इकाई' नियम

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी के 17,735 पदों पर आरक्षण विवाद को तथ्यहीन बताया। आयोग ने स्पष्ट किया कि एडेड विद्यालय 'एकल इकाई' के तहत आते हैं।

By INA News Desk
Oct 27, 2026 - 18:43
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UP TGT 17,735 भर्ती में आरक्षण पर विवाद निराधार: चयन आयोग ने दी सफाई, जानिए क्या है 'एकल इकाई' नियम
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार
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लखनऊ/प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 17,735 रिक्त पदों पर जारी भर्ती विज्ञापन में आरक्षण नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे दावों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने आधिकारिक बयान जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए अभ्यर्थियों से असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से सतर्क रहने की अपील की है।

आयोग के अध्यक्ष ने विस्तार से विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों में संचालित सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों से विद्यालयवार, विषयवार और श्रेणीवार अधियाचन संकलित कर आयोग को भेजा गया था। उत्तर प्रदेश की वैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय 'एकल इकाई' (सिंगल यूनिट) के रूप में मान्य हैं। इस व्यवस्था के अनुसार संबंधित विद्यालय का प्रबंध तंत्र ही नियुक्ति प्राधिकारी होता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय के एकल इकाई होने के कारण पदों का श्रेणीवार/आरक्षणवार निर्धारण प्रत्येक विद्यालय में स्वीकृत कुल पदों की संख्या के आधार पर ही नियमानुसार किया जाता है। यह आरक्षण प्रदेश स्तर या निदेशालय स्तर पर पदों की कुल समेकित संख्या को एकमुश्त मानकर लागू नहीं होता। इसी स्थापित विहित नियमावली के आधार पर पूर्व में भी (विज्ञापन संख्या 01/2022 एवं 02/2022) भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण शुचिता, निष्पक्षता और संवैधानिक मानकों के अनुरूप संपन्न कराई गई हैं।

डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि इस संबंध में शासन के स्तर से भी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'ई-ज्ञान गंगा-यूपी' (E-Gyan Ganga-U.P.) पर तथ्यात्मक विवरण साझा कर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षक अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया या अन्य अनाधिकृत मंचों पर प्रसारित किए जा रहे किसी भी तथ्यहीन संदेश, वीडियो या भ्रामक अफवाहों पर भरोसा न करें और न ही ऐसी सामग्री को साझा करें। भर्ती प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रामाणिक सूचना और निर्देश के लिए अभ्यर्थी केवल आयोग के आधिकारिक पोर्टल का ही अवलोकन करें।

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