धार्मिक स्थलों पर विवाद चिंताजनक: पूजा स्थल कानून के बावजूद ऐतिहासिक मस्जिदों को निशाना बनाना गलत, देवबंद में बोलीं हुदा जरीवाला

देवबंद में सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला ने ऐतिहासिक मस्जिदों से जुड़े विवादों पर जताई चिंता। पूजा स्थल अधिनियम 1991 और अदालती आदेशों के पालन पर दिया बल।

By INA News Desk
Oct 2, 2026 - 21:54
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धार्मिक स्थलों पर विवाद चिंताजनक: पूजा स्थल कानून के बावजूद ऐतिहासिक मस्जिदों को निशाना बनाना गलत, देवबंद में बोलीं हुदा जरीवाला

देश के विभिन्न हिस्सों में ऐतिहासिक मस्जिदों और पारंपरिक धार्मिक स्थलों को लेकर खड़े किए जा रहे विवादों पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरी चिंता व्यक्त की है। देवबंद प्रवास के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला ने कहा कि धार्मिक स्थलों की यथास्थिति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए देश के संविधान और कानून में स्पष्ट व्यवस्था मौजूद है। इसके बावजूद इस प्रकार के मामलों को तूल दिया जाना सामाजिक सौहार्द के दृष्टिकोण से अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर विषय है।

नगर पालिका सभासद सैयद हारिस के आवास पर आयोजित संवाद के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के उज्जैन की शाही मस्जिद, दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मस्जिद और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद से जुड़े हालिया घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन संवेदनशील विषयों पर कानून के दायरे में रहकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग में असुरक्षा की भावना पैदा न हो।

पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 के प्रावधानों को सामने रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून देश की स्वतंत्रता के समय यानी 15 अगस्त 1947 को मौजूद किसी भी धार्मिक स्थल के मूल स्वरूप को यथावत बनाए रखने का वैधानिक अधिकार देता है। इस अधिनियम की संवैधानिकता और इससे जुड़े विभिन्न मामले देश की शीर्ष अदालत में विचाराधीन हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व में स्पष्ट आदेश देते हुए ऐसे विवादों में नए मुकदमों के पंजीकरण और निचली अदालतों द्वारा प्रभावी आदेश पारित करने पर रोक लगाई थी।

हुदा जरीवाला ने कहा कि शीर्ष अदालत के स्पष्ट दिशा-निर्देशों और प्रभावी कानूनी प्रावधानों के बावजूद ऐतिहासिक इबादतगाहों को बार-बार विवादों में घसीटा जाना सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करता है। उन्होंने जोर दिया कि कानून के शासन और अदालती मर्यादा का सम्मान करना हर नागरिक और संस्था का कर्तव्य है। इस अवसर पर नजर फाउंडेशन के अध्यक्ष नजम उस्मानी, अब्दुल कादिर खान और मोहम्मद नवेद सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे और उन्होंने आपसी भाईचारे व वैधानिक व्यवस्थाओं के सम्मान की बात कही।

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