फिरोजाबाद: छदामी लाल जैन मंदिर का 80 फीसदी कायाकल्प पूरा, 1.28 करोड़ से संवर रहा जैन पर्यटन सर्किट का प्रमुख केंद्र

फिरोजाबाद के प्रसिद्ध छदामी लाल जैन मंदिर में 1.28 करोड़ रुपये से हो रहा विकास कार्य 80 फीसदी पूरा। पर्यटकों के लिए बन रहा सभागार और आधुनिक डॉरमेट्री।

By INA News Desk
Oct 1, 2026 - 22:31
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फिरोजाबाद: छदामी लाल जैन मंदिर का 80 फीसदी कायाकल्प पूरा, 1.28 करोड़ से संवर रहा जैन पर्यटन सर्किट का प्रमुख केंद्र
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उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक और धार्मिक विरासतों को सहेजते हुए जैन पर्यटन सर्किट को विस्तार देने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कांच नगरी फिरोजाबाद के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र छदामी लाल जैन मंदिर परिसर में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लगभग 1.28 करोड़ रुपये की लागत वाली इस समग्र विकास परियोजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है और शेष बचे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, सर्वसुविधायुक्त डॉरमेट्री और भव्य म्यूरल वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण प्रगति के अनुसार सभागार और डॉरमेट्री का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि धार्मिक व सांस्कृतिक प्रसंगों को दर्शाने वाली म्यूरल वॉल का 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को ठहरने, धार्मिक आयोजनों और ध्यान-सत्संग के लिए बेहतर और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध होगा।

फिरोजाबाद के मुख्य जैन चौराहे पर स्थित यह मंदिर अपनी उत्कृष्ट संगमरमर स्थापत्य कला और भगवान बाहुबली की 42 फीट ऊंची विशाल पाषाण प्रतिमा के लिए पूरे देश में ख्याति प्राप्त है। उत्तर भारत की सबसे प्रमुख प्रतिमाओं में शुमार इस विग्रह को कर्नाटक के कारकल से फिरोजाबाद लाने का इतिहास भी अत्यंत रोचक है। सेठ छदामी लाल ने एक विशेष ट्रॉली के माध्यम से 64 दुर्गम पहाड़ियों को पार कराते हुए तीन महीने के कठिन सफर के बाद इसे यहां स्थापित कराया था। लगभग दस वर्षों में संगमरमर से बनकर तैयार हुए इस मंदिर के सुचारू संचालन और संरक्षण के लिए वर्ष 1947 में ट्रस्ट की स्थापना की गई थी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार प्रदेश सरकार जैन धर्म के पवित्र तीर्थ स्थलों और गौरवशाली विरासतों को संरक्षित कर उन्हें मुख्य पर्यटन धारा से जोड़ रही है। इन प्राचीन स्थलों पर पारंपरिक स्थापत्य और आध्यात्मिक गरिमा को बनाए रखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां और पर्यटक जैन संस्कृति व दर्शन को करीब से समझ सकें।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने स्पष्ट किया कि फिरोजाबाद का यह ऐतिहासिक मंदिर प्रदेश की समृद्ध जैन परंपरा का प्रमुख आधार स्तंभ है। मंदिर परिसर में बुनियादी सुविधाओं के उच्चीकरण से पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा और इसे राज्य के व्यापक जैन पर्यटन सर्किट से जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार दी जा रही है।

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