लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को वीरता पदकों से किया सम्मानित, आधुनिक तकनीक से मजबूत हुई पुलिसिंग
लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों को वीरता पदक देकर सम्मानित किया। जीरो टॉलरेंस नीति और तकनीक के इस्तेमाल से कानून व्यवस्था सुदृढ़।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अदम्य साहस का परिचय देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान में राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में विशेष अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्तव्य पालन के दौरान असाधारण पराक्रम और उत्कृष्ट सेवा प्रदर्शित करने वाले जांबाज पुलिसकर्मियों को विभिन्न वीरता पदकों से अलंकृत किया।

पदक प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मियों ने इस उपलब्धि को स्वयं और अपने परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। सम्मानित अधिकारियों ने कहा कि शासन की स्पष्ट नीतियों, अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता से पुलिस बल की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ गई है।

हरदोई के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा को वीरता पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह पूरे पुलिस विभाग के लिए गर्व का पल है। आज पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदला है, जिससे अपराधियों के भीतर कानून का भय स्थापित हुआ है। राष्ट्रपति वीरता पदक से नवाजे गए ऋतुल कुमार वर्मा ने अपने डेढ़ दशक से अधिक के सेवाकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान समय में पुलिस का मनोबल काफी ऊंचा है और सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक प्रभावी हुई है।

एसटीएफ वाराणसी इकाई के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव को राष्ट्रपति वीरता पदक और मुख्यमंत्री वीरता पदक दोनों से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि कार्य करने की पूर्ण प्रशासनिक स्वतंत्रता और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के कारण अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगा है। संभल में क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात कुलदीप कुमार को भी राष्ट्रपति वीरता पदक प्रदान किया गया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान प्राप्त करना अत्यंत प्रेरणादायी है। जीरो टॉलरेंस की ठोस रणनीति और तकनीकी साधनों के समन्वय से आज उत्तर प्रदेश पुलिस देश के शीर्ष सुरक्षा बलों में शुमार हो चुकी है।

एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक घनश्याम यादव को मुख्यमंत्री वीरता पदक से नवाजा गया। उन्होंने इस अवसर को अपने जीवन का अविस्मरणीय और गौरवशाली क्षण बताया। एसटीएफ के अंगद सिंह यादव को भी वीरता पदक मिला। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी समझौते के लगातार की जा रही कार्रवाई से जनता में सुरक्षा का अटूट विश्वास बना है।

मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित धर्मेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि विभाग में हो रहे सुधारात्मक बदलावों, आवासीय सुविधाओं और मूलभूत व्यवस्थाओं के विस्तार से पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता में सुधार हुआ है। उपनिरीक्षक अजय वर्मा को भी मुख्यमंत्री वीरता पदक प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच तकनीकों और बेहतर संचार उपकरणों से लैस होकर पुलिसकर्मी अब फील्ड में अधिक तत्परता और सटीकता से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
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