संत कबीर अकादमी के सांस्कृतिक कार्यक्रम अब शिक्षण संस्थानों में होंगे, पर्यटन भवन में कार्ययोजना तैयार
लखनऊ में संत कबीर अकादमी की कार्यकारिणी बैठक में कबीर दर्शन को युवाओं तक पहुंचाने की योजना बनी। शिक्षण संस्थानों के सहयोग से होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम।
लखनऊ। संत कबीर अकादमी की कार्यकारिणी बैठक पर्यटन भवन के सभागार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि कबीर दर्शन, सामाजिक संदेशों और विचारों को जन-जन तथा विशेषकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अकादमी के सभी सांस्कृतिक व अकादमिक कार्यक्रम प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के सहयोग से आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में पंचामृत योजना के तहत संत कबीर से जुड़े शोध, क्षेत्रीय सर्वेक्षण और प्रमाणिक साहित्य के प्रकाशन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त कबीर के जीवन दर्शन पर केंद्रित सांस्कृतिक गतिविधियों, कार्यशालाओं और अकादमी की नियमित छमाही पत्रिका के संपादन व प्रकाशन की आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। समिति के सदस्यों ने कबीर के संदेशों को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करने के लिए डिजिटल और शैक्षणिक माध्यमों के व्यापक उपयोग पर बल दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या के प्रोफेसर हिमांशु शुक्ला, संस्कृति निदेशालय के निदेशक संजय कुमार सिंह, नियोजन विभाग के विशेष सचिव अनिल कुमार सिंह, खलीलाबाद के उप जिला अधिकारी हृदय राम तिवारी, मगहर स्थित कबीर मठ के प्रतिनिधि सदस्य हरि शरण दास उपस्थित रहे। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से गोरखपुर के हरि प्रसाद और राजस्थान के गोपाल सिंह चौहान भी चर्चा में जुड़े। अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त कर बैठक का समापन किया।
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