Gas Plant Colony Murder: चाय पिलाने के बहाने बुलाकर आदि राणा की हत्या, तमंचे से गोली मार रची झूठी कहानी
Gas Plant Colony Murder: गैस प्लांट कालोनी में आदि राणा की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सुलह के बहाने घर बुलाकर गोली मारने के बाद आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।
- गैस प्लांट कालोनी हत्याकांड: सुलह के नाम पर घर बुलाकर युवक पर चलाई गोली, आरोपितों की रची कहानी खुली
- Adi Rana Murder Case: पुराने विवाद का बदला लेने के लिए बिछाया था जाल, पुलिस जांच में खुली सुनियोजित साजिश की पोल
- Gas Plant Colony Crime: विवाद निपटाने पहुंचे आदि राणा को लकी पंडित ने मारी गोली, खुद पुलिस को फोन कर फंसाने का रचा था षड्यंत्र
गैस प्लांट कालोनी में युवक आदि राणा की गोली मारकर की गई हत्या का मामला अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई वारदात के रूप में सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि रंजिश निकालने के उद्देश्य से युवक को विश्वास में लेकर बुलाया गया और फिर उस पर जानलेवा हमला किया गया।
घटना के संदर्भ में सामने आई जानकारी के अनुसार, अनिल पंडित और उसके बेटों पर आरोप है कि उन्होंने पुराने विवाद को पूरी तरह समाप्त करने के नाम पर आदि राणा को अपने घर आमंत्रित किया था। उसे भरोसा दिलाया गया था कि पिछली बातों को भुलाकर मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाएगा और साथ बैठकर चाय पी जाएगी। इसी भरोसे के आधार पर आदि राणा उनके आवास पर पहुंचा, लेकिन वहां उसके पहुंचते ही हालात पूरी तरह बदल गए।
- सुलह के नाम पर बुलाया और सामने दिखा तमंचा
पुलिस जांच के अनुसार, आदि राणा जब अनिल पंडित के आवास पर पहुंचा, तो वहां लकी पंडित के पास पहले से एक तमंचा रखा हुआ था। हथियार को देखते ही आदि राणा ने उस पर आपत्ति जताई और सवाल किया। इस पर घर में मौजूद लोगों की ओर से कहा गया कि वह हमेशा अपने पास तमंचा रखता है। आदि राणा ने माहौल को सामान्य बनाए रखने के लिए उससे हथियार अंदर रखने का आग्रह किया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान ही लकी पंडित ने अचानक तमंचे से उस पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे आदि राणा को लगी और वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उस समय आसपास आदि राणा के कुछ परिचित भी मौजूद थे, जो कुछ देर पहले तक विवाद सुलझने की बात सुन रहे थे। अचानक चली गोली की आवाज से वहां अफरा-तफरी मच गई और किसी को स्थिति संभालने का मौका नहीं मिला।
- शराब की दुकान के पास हुआ पुराना विवाद बना पृष्ठभूमि
स्थानीय सूत्रों और जांच के मुताबिक, आदि राणा और लकी पंडित के बीच कुछ समय पहले से कहासुनी चली आ रही थी, जिसे बाद में शांत करा दिया गया था। हालांकि, गुरुवार देर शाम एक बार फिर शराब की दुकान के निकट आदि राणा के एक दोस्त और लकी पंडित के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। उस समय आसपास मौजूद स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला वहीं रफा-दफा हो गया था।
आरोप है कि इसी घटना के बाद प्रतिशोध की भावना से आदि राणा को फोन किया गया। बातचीत में यह दर्शाने का प्रयास किया गया कि दोनों पक्षों के बीच अब कोई मनमुटाव नहीं रहना चाहिए और बैठकर बातचीत से सब ठीक कर लिया जाएगा। इसी छलावे में आकर आदि राणा वहां पहुंचा था।
- खुद पुलिस को फोन कर रची गई झूठी कहानी
हत्या को अंजाम देने के बाद मामले को नया मोड़ देने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपितों की ओर से मनगढ़ंत कहानी तैयार की गई। मुख्य आरोपित ने खुद पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दी कि आदि राणा अपने साथियों के साथ हथियार लेकर उनके घर पर हमला करने आया था।
पुलिस को दी गई प्रारंभिक सूचना में यह दावा किया गया कि छीना-झपटी के दौरान गलती से गोली चल गई, जिससे आदि राणा घायल हो गया। हालांकि, जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और घटनास्थल की स्थिति का गहन विश्लेषण किया, तो इस पूरे दावे की पोल खुल गई। पुलिस की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो गया कि गोली खुद आरोपित पक्ष द्वारा चलाई गई थी और आत्मरक्षा की बात पूरी तरह गढ़ी हुई थी।
गंभीर रूप से घायल आदि राणा को तत्काल नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य संकलित कर लिए गए हैं और घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के साथ-साथ नामजद आरोपितों के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
What's Your Reaction?