अमृतसर के प्रतिष्ठित स्कूल में भारी लापरवाही, स्विमिंग पूल में डूबने से 12वीं के छात्र की दर्दनाक मौत।

पंजाब के अमृतसर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्कूली बच्चों की सुरक्षा और प्रबंधन

By INA News Desk
May 30, 2026 - 13:41
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अमृतसर के प्रतिष्ठित स्कूल में भारी लापरवाही, स्विमिंग पूल में डूबने से 12वीं के छात्र की दर्दनाक मौत।
अमृतसर के प्रतिष्ठित स्कूल में भारी लापरवाही, स्विमिंग पूल में डूबने से 12वीं के छात्र की दर्दनाक मौत।
  • इकलौते बेटे की संदिग्ध मौत से परिवार में कोहराम, मां ने स्कूल प्रबंधन पर लगाया जानकारी छुपाने और भागने का संगीन आरोप
  • घटना के समय लाइफगार्ड और ट्रेनर की मौजूदगी पर उठे गंभीर सवाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की विस्तृत जांच

पंजाब के अमृतसर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्कूली बच्चों की सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अमृतसर के तरनतारन रोड पर स्थित श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के स्विमिंग पूल में 12वीं कक्षा के एक 18 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक छात्र की पहचान आर्यन के रूप में हुई है, जो रोज की तरह अपने सुनहरे भविष्य के सपने लेकर स्कूल गया था, लेकिन दोपहर को उसकी मौत की खबर घर पहुंची। इस दर्दनाक हादसे के बाद से छात्र के परिवार में कोहराम मच गया है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और परिजनों में स्कूल प्रशासन के गैर-जिम्मेदाराना रवैए को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

यह पूरी घटना स्कूल समय के दौरान की बताई जा रही है, जब छात्र स्विमिंग पूल परिसर में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारियों के अनुसार, आर्यन तैराकी के सत्र के लिए पूल में उतरा था, लेकिन कुछ ही देर बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में गहरे पानी में डूबने लगा। हैरानी की बात यह है कि जब यह हादसा हुआ, तब वहां किसी भी जिम्मेदार ट्रेनर या लाइफगार्ड की नजर उस पर नहीं पड़ी। काफी देर तक पानी में डूबे रहने के कारण जब आर्यन बेसुध हो गया, तब जाकर स्कूल के अन्य स्टाफ को इस बात की भनक लगी। आनन-फानन में उसे पानी से बाहर निकाला गया और नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस बेहद संवेदनशील मामले में मृतक छात्र आर्यन की मां ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित मां का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें घटना की सही और सटीक जानकारी समय पर नहीं दी। उन्हें शुरुआत में सिर्फ इतना बताया गया था कि उनके बेटे की तबीयत थोड़ी खराब है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब वे बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचीं, तो उन्हें अपने इकलौते बेटे की मौत की खबर मिली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आर्यन को अस्पताल में भर्ती कराने के तुरंत बाद स्कूल के तमाम जिम्मेदार अधिकारी, प्रिंसिपल और स्टाफ मौके से फरार हो गए और उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर लिए, जिससे साफ पता चलता है कि वे अपनी कमियों को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही अमृतसर पुलिस की एक उच्च स्तरीय टीम तुरंत हरकत में आई और अस्पताल के साथ-साथ स्कूल परिसर का भी मुआयना किया। पुलिस ने छात्र आर्यन के शव को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों, जैसे कि पानी में डूबने से दम घुटना या कोई अन्य शारीरिक समस्या, का सटीक पता चल सकेगा। पुलिस ने इस संबंध में स्कूल के कुछ कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है और स्विमिंग पूल से जुड़े सुरक्षा प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कर दी है।

इस हादसे ने स्कूलों में संचालित होने वाले स्विमिंग पूल्स और खेल परिसरों में सुरक्षा मानकों की जमीनी हकीकत को पूरी तरह बयां कर दिया है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, किसी भी स्कूल के स्विमिंग पूल में बच्चों की मौजूदगी के दौरान कम से कम दो पेशेवर लाइफगार्ड और प्राथमिक चिकित्सा किट का होना अनिवार्य है। अमृतसर के इस प्रतिष्ठित स्कूल में इन नियमों का किस हद तक पालन किया जा रहा था, यह अब जांच का बड़ा विषय बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भारी-भरकम फीस वसूलने वाले ये नामचीन स्कूल बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के मामले में अक्सर लापरवाही बरतते हैं, जिसका खामियाजा निर्दोष बच्चों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है।

आर्यन अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और उसकी इस तरह अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है। पिता और मां का रोते हुए बुरा हाल है और वे बार-बार स्कूल प्रशासन को इस मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय सामाजिक संगठनों और छात्र यूनियनों ने भी स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जब तक दोषी प्रबंधन और गैर-जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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