हाथरस: यूजीसी के नए नियमों पर भड़के किसान, काफिला रोकते ही सड़क पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी
हाथरस में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में भाकियू भानू का प्रदर्शन। पुलिस द्वारा काफिला रोके जाने पर सड़क पर बैठे कार्यकर्ता, एडीएम को सौंपा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों के विरोध और उन्हें तुरंत वापस लेने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानू) के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। संगठन के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर राम जादौन के नेतृत्व में हसायन क्षेत्र से सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग ट्रैक्टरों, कारों और अन्य चौपहिया वाहनों के विशाल काफिले के साथ जिला मुख्यालय की ओर कूच करने निकले। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य कलेक्ट्रेट पहुंचकर शासन और प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपनी असहमति दर्ज कराना था।
काफिले की पूर्व सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया और रास्ते में भारी बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा मुख्य मार्ग पर घेराबंदी किए जाने के बाद कई ट्रैक्टर खेतों के कच्चे रास्तों से होते हुए आगे निकल गए, लेकिन पिछौती के समीप पुलिस बल ने पूरे काफिले को पूरी तरह रोक दिया। काफिला रोके जाने से आक्रोशित प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और इस दौरान आंदोलनकारियों व पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिकंदराराऊ भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी मौके पर ही जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गए। स्थिति को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। इसके बाद संगठन ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा, जिसमें यूजीसी के विवादित नियमों को जनहित में तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई। अधिकारियों द्वारा ज्ञापन को संबंधित उच्च स्तर तक प्रेषित करने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया।
इस व्यापक विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष ठाकुर आशीष प्रताप सिंह, सिद्धार्थ ठाकुर, नवीन सिंह, सतेंद्र सिंह, प्रशांत कुमार, बिल्ला पंडित, कान्हा ठाकुर, राघव यादव, शिव ठाकुर, अजीत ठाकुर और अंकित ठाकुर सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।
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