Jamiat Ulema E Hind: जमीयत की कार्यकारिणी बैठक में मस्जिद-मदरसा मामलों पर मंथन, राष्ट्रपति से मुलाकात का फैसला
जमीयत उलेमा ए हिन्द के headquarter में आयोजित जमीयत की कार्यकारिणी की बैठक में मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक अधिकारों
नई दिल्ली: जमीयत उलेमा ए हिन्द के headquarter में आयोजित जमीयत की कार्यकारिणी की बैठक में मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक अधिकारों से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। बैठक में राष्ट्रपति से मुलाक़ात का वक़्त मांगने और प्रभावित लोगों की शिकायतों को उच्च संवैधानिक स्तर पर उठाने का फैसला लिया गया। साथ ही पीड़ितों के अधिकारों और न्याय के लिए सभी उपलब्ध संवैधानिक और क़ानूनी मंचों का रुख़ करने का फ़ैसला किया गया।
जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि अगर किसी एक समुदाय के ख़िलाफ एकतरफा कार्रवाई होती है और उसे प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण मिलता है, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों और देशवासियों को निराश या भयभीत होने की ज़रूरत नहीं है। अपने संवैधानिक और क़ानूनी अधिकारों के लिए अहिंसक, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीक़े से संघर्ष जारी रखा जाएगा।
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