एलडीए की संपत्ति खरीदना हुआ आसान: अब पंजीकरण राशि के लिए बैंक ऑफ इंडिया भी देगा लोन
लखनऊ विकास प्राधिकरण की संपत्तियों के पंजीकरण के लिए अब बैंक ऑफ इंडिया से भी लोन मिलेगा। एलडीए ने तीन बैंकों के साथ करार कर प्रक्रिया को आसान बनाया।
- पंजीकरण धनराशि के लिए अब तीन बैंकों से मिलेगा लोन, एलडीए ने बैंक ऑफ इंडिया से साइन किया एमओयू
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं पीएनबी के बाद बैंक ऑफ इंडिया से भी मिलेगी लोन सुविधा
- वरुण विहार योजना में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा भी संचालित
लखनऊ विकास प्राधिकरण की आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों के लिए पंजीकरण धनराशि जमा करना अब और भी आसान होगा। एलडीए ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया के साथ भी एमओयू साइन किया है। इससे भूखण्ड, भवन, फ्लैट एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों के आवेदकों को पंजीकरण धनराशि के लिए बैंक लोन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेेश कुमार ने बताया कि वरुण विहार योजना में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा का संचालन भी किया जा रहा है। सुविधा का दायरा बढ़ने से आवेदकों को पंजीकरण धनराशि के लिए बैंक लोन लेना आसान होगा। इससे एकमुश्त पंजीकरण धनराशि जमा करने में असमर्थ नागरिकों के लिए एलडीए की विभिन्न योजनाओं में सम्पत्ति के लिए आवेदन करना अधिक सुगम होगा। साथ ही, आवेदकों को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप बैंकिंग सुविधा का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
आर्थिक बाधा होगी दूरी
पहले की व्यवस्था के तहत बैंक सम्पत्ति आवंटित होने के बाद आवंटन पत्र के आधार पर शेष धनराशि के लिए लोन उपलब्ध कराते हैं, लेकिन पंजीकरण धनराशि के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। नयी व्यवस्था से इस आर्थिक बाधा को दूर करने में मदद मिलेगी।
पेपर वर्क से मिलेगी राहत
वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आवेदक को सम्पत्ति आवंटित होने पर आवंटन पत्र के आधार पर शेष धनराशि के लिए लोन लेने की प्रक्रिया भी सरल होगी। दोबारा विस्तृत कागजी औपचारिकताओं से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। वहीं, आवंटन न होने की स्थिति में बैंक के माध्यम से जमा पंजीकरण धनराशि एलडीए द्वारा संबंधित बैंक को वापस कर दी जाएगी। इससे आवेदकों के हित सुरक्षित रहते हुए धनवापसी की प्रक्रिया पारदर्शी एवं आसान होगी।
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