Lucknow : सहकारी बैंक कर्मचारियों को मिला बढ़ा वेतन, सहकारिता विभाग ने दी वेतन पुनरीक्षण को हरी झंडी

इस बैठक के दौरान बैंकों की आर्थिक स्थिति, व्यापार, जमाकर्ताओं के भुगतान, कंप्यूटर सिस्टम को बेहतर बनाने, डूबे हुए कर्ज (एनपीए) की वसूली और नए लोन बांटने की बैंकवार समीक्षा की गई। सहकारिता मंत्री ने रिजर्व बैंक और नाबार्ड के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा

Jun 16, 2026 - 23:03
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Lucknow : सहकारी बैंक कर्मचारियों को मिला बढ़ा वेतन, सहकारिता विभाग ने दी वेतन पुनरीक्षण को हरी झंडी
Lucknow : सहकारी बैंक कर्मचारियों को मिला बढ़ा वेतन, सहकारिता विभाग ने दी वेतन पुनरीक्षण को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों का सालों लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जिला सहकारी बैंकों के यूनियन पदाधिकारियों के साथ कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण (सैलरी रिवीजन) और अन्य जरूरी मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। विभाग ने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए सालों से रुके हुए वेतन पुनरीक्षण को मंजूरी दे दी है, जिससे हजारों बैंक कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

बैठक में तय किया गया कि नए लाइसेंस प्राप्त 16 जिला सहकारी बैंकों में से 6 बैंकों बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर और हरदोई में, जहाँ पिछले 30 सालों से अधिक समय से वेतन नहीं बढ़ा था, उन्हें साल 2011 का वेतनमान दिया जाएगा। इसके साथ ही देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी, सीतापुर, अयोध्या, फतेहपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर के 8 जिला सहकारी बैंकों को भी, जहाँ 20 वर्षों से मामला अटका था, साल 2011 का वेतनमान देने का फैसला किया गया है। अब इन बैंकों की प्रबंध समितियां प्रस्ताव पास करके इस नए वेतनमान को अपने यहाँ लागू कर सकेंगी। इसके अलावा बाकी बचे 34 जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को नाबार्ड के तय मानकों को पूरा करने के बाद इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

इस बैठक के दौरान बैंकों की आर्थिक स्थिति, व्यापार, जमाकर्ताओं के भुगतान, कंप्यूटर सिस्टम को बेहतर बनाने, डूबे हुए कर्ज (एनपीए) की वसूली और नए लोन बांटने की बैंकवार समीक्षा की गई। सहकारिता मंत्री ने रिजर्व बैंक और नाबार्ड के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकों का कारोबार बढ़ाने के लिए लोन बांटने पर खास ध्यान दिया जाए और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जमाकर्ताओं के भुगतान को सबसे पहली प्राथमिकता दी जाए। कर्ज माफी योजना को लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका फायदा मिले, इसके लिए उनकी शिकायतों और आपत्तियों का निपटारा समय पर किया जाए।

सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव ने बैंकों के कामकाज को सुधारने के लिए नाबार्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार एक नई विकास कार्ययोजना बनाने को कहा है ताकि बैंकों की स्थिति को बेहतर किया जा सके। इस बैठक में प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला, आयुक्त एवं निबंधक योगेश कुमार, उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक के सभापति जितेंद्र बहादुर सिंह, संयुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक आर.के. कुलश्रेष्ठ, अपर प्रबंध निदेशक राजेश कुमार सिंह सहित कोआपरेटिव बैंक इम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अजय वर्मा और प्रदेश महामंत्री सुधीर कुमार सिंह मौजूद रहे। अंत में यूनियन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी करने के लिए सहकारिता मंत्री का आभार जताया।

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