Lucknow : आगरा में नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ बड़ा अभियान, भारी मात्रा में स्टॉक जब्त और मुकदमों के साथ कई गोदाम सील

इसी तरह माहेश्वरी व जैन कॉम्प्लेक्स में सुमित माधवानी और बहोरे राम मार्केट में सुमित गुप्ता के बिना लाइसेंस वाले अवैध गोदामों पर कार्रवाई की गई। इन दोनों स्थानों पर बेचने के उद्देश्य से छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में 'फिजिशियन सैंपल्स' बरामद हुए, जो कानूनन मुफ्त वितरण के लिए हो

Jun 16, 2026 - 23:00
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Lucknow : आगरा में नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ बड़ा अभियान, भारी मात्रा में स्टॉक जब्त और मुकदमों के साथ कई गोदाम सील
Lucknow : आगरा में नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ बड़ा अभियान, भारी मात्रा में स्टॉक जब्त और मुकदमों के साथ कई गोदाम सील

उत्तर प्रदेश के लोगों को सुरक्षित और सही दवाएं उपलब्ध कराने तथा दवाओं के काले कारोबार को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने आगरा में एक बड़ा अभियान चलाया है। कमिश्नर के नेतृत्व में अलग-अलग जिलों के 25 औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमें बनाकर आगरा के प्रमुख दवा बाजारों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के तहत खिनी गली, फव्वारा, संजय प्लेस और कमला नगर जैसे बड़े दवा व्यापार केंद्रों में 20 से अधिक फर्मों, गोदामों और घरों की सघन जांच की गई।

इस अभियान में भारी लापरवाही सामने आई है, जिसमें जीवन रक्षक दवाओं को सुरक्षित तापमान में न रखना, सरकारी दवाओं की री-लेबलिंग और मुफ़्त बांटे जाने वाले फिजिशियन सैंपल्स को बेचने के इरादे से छिपाकर रखना शामिल है। टीम ने कुल 63 लाख रुपए से अधिक की नकली, सरकारी सप्लाई और फिजिशियन सैंपल की दवाएं जब्त की हैं और इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत तीन अलग-अलग प्राथमिकियां (एफआईआर) दर्ज कराई हैं। इससे पहले भी मई महीने में इसी तरह की बड़ी कार्रवाई करते हुए ज्योति ड्रग हाउस और श्री मेडिकल एजेंसीज से 3 करोड़ रुपए की अवैध दवाएं पकड़ी गई थीं और 6 नामजद आरोपियों (नारायण दास हँसराजनी, किशोर मेहता, पुनीत कटार, सुरेन्द्र गुप्ता, मयंक गुप्ता, अन्नू अरोरा और संयम अरोरा) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

इस व्यापक अभियान के दौरान दयालबाग के राहुल विहार स्थित मनीष पंजवानी उर्फ सन्नी के आवास पर बिना किसी दवा लाइसेंस के चल रहे गुप्त भंडार का पता चला। यहाँ अत्यंत जरूरी और संवेदनशील जीवन रक्षक इंजेक्शन अत्यंत असुरक्षित माहौल में रखे पाए गए। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा सरकारी सप्लाई की दवाओं पर दोबारा पर्चियां चिपकाकर उनके दाम बदले जा रहे थे। मौके से 5.20 लाख रुपए से अधिक की दवाएं सीज कर आरोपी मनीष पंजवानी के खिलाफ थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके अलावा खिन्नी गली स्थित एक अवैध गोदाम पर भी छापा मारा गया, जिसका लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था लेकिन उसका इस्तेमाल अवैध रूप से मोहम्मद शाहिद कुरेशी द्वारा किया जा रहा था। इस ठिकाने से लगभग 40 लाख रुपए मूल्य की सभी दवाएं सीज की गईं।

इसी तरह माहेश्वरी व जैन कॉम्प्लेक्स में सुमित माधवानी और बहोरे राम मार्केट में सुमित गुप्ता के बिना लाइसेंस वाले अवैध गोदामों पर कार्रवाई की गई। इन दोनों स्थानों पर बेचने के उद्देश्य से छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में 'फिजिशियन सैंपल्स' बरामद हुए, जो कानूनन मुफ्त वितरण के लिए होते हैं और इन्हें बेचना पूरी तरह गैर-कानूनी है।

सुमित माधवानी के ठिकाने से 12 लाख रुपए और सुमित गुप्ता के पास से 15 लाख रुपए की अवैध दवाएं सीज कर दोनों के खिलाफ थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही कई अन्य मेडिकल स्टोरों और फर्मों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। पोरवाल मेडकेयर में जरूरी इंजेक्शन का सही तापमान न बनाए रखने के कारण 7.63 लाख रुपए का स्टॉक सीज किया गया। वहीं हारे का सहारा एंटरप्राइज, सर्वेश्वर फार्मा, साईं कृपा डिस्ट्रीब्यूटर, माधव कृपा एजेंसीज और दुर्गा मेडिकोस में खरीद-बिक्री के दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी मिलने पर दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और कुछ की बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी गई है।

मई और जून के महीनों को मिलाकर आगरा में अब तक कुल 3.63 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध और नकली दवाएं पकड़ी जा चुकी हैं और कुल 4 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों के दोषियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर ने आगरा के सभी मेडिकल एसोसिएशनों, दवा मंडी के भवन स्वामियों और जिला प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी थोक दवा दुकानों का वेरिफिकेशन किया जाए और लंबे समय से बंद या निष्क्रिय दुकानों के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएं। मकान मालिकों को भी यह पक्का करने को कहा गया है कि उनकी दुकानों में वैध किराएदार ही हों जिनके पास असली लाइसेंस हो और दुकान पर नाम व लाइसेंस नंबर लिखना अनिवार्य हो। कमिश्नर ने साफ चेतावनी दी है कि कहीं भी दवाओं का अवैध भंडारण पाए जाने पर सीधे माल जब्त कर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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