Lucknow : यूपी में विरासत को सहेजने की बड़ी पहल, 2027 तक 300 ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण का लक्ष्य
पर्यटन भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि वर्तमान में विभाग के पास 278 संरक्षित स्मारक हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, इतिहास की अनमोल धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने प्रदेश की ऐतिहासिक विरासतों को बचाने के लिए बड़ा एलान किया है। उन्होंने बताया कि राज्य पुरातत्व विभाग जल्द ही 41 नए ऐतिहासिक स्थलों को अपने संरक्षण में लेगा। सरकार ने साल 2027 तक संरक्षित स्मारकों की कुल संख्या 300 तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इन 41 स्थलों में से 39 को मंजूरी मिल चुकी है। जयवीर सिंह ने कहा कि कुषाण काल के ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर एक विशेष 'कुषाण ट्रेल' बनाई जाएगी, जिससे पर्यटकों को नई सुविधाएं मिलेंगी।
पर्यटन भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि वर्तमान में विभाग के पास 278 संरक्षित स्मारक हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, इतिहास की अनमोल धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। चिन्हित किए गए स्थलों में 3000 साल पुराने टीले, प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक इमारतें शामिल हैं। इनमें से कुछ स्थल 2500 साल पुरानी सभ्यता से जुड़े हैं।
संरक्षित किए जाने वाले प्रमुख स्थलों में लखनऊ का मूसा बाग, कानपुर का पंचमुखी मंदिर, हरदोई का नागेश्वर मंदिर, उन्नाव का महेपासी टीला, झांसी का गोंडवानी मंदिर, रामपुर का तूती का मकबरा और वाराणसी व महोबा के प्राचीन मंदिर शामिल हैं। बैठक में अधिकारियों ने सुझाव दिया कि इन स्थलों पर पुस्तकालय और बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इस मौके पर पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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