लखनऊ: एसकेडी एकेडमी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, छात्रों को पॉक्सो कानून और बाल अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
लखनऊ के एसकेडी एकेडमी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जागरूकता शिविर लगाया। छात्रों को पॉक्सो कानून, गुड टच-बैड टच और हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी।
छात्र-छात्राओं को सुरक्षित परिवेश देने और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ की ओर से गोमती नगर स्थित एसकेडी एकेडमी में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्राधिकरण के सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने किया। सत्र के दौरान बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण कानून (पॉक्सो) की बारीकियों से अवगत कराया गया।
शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षिकाओं और वात्सल्य संस्था की प्रतिनिधि डॉक्टर नीलम सिंह सहित पराविधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने बच्चों को बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में 'गुड टच और बैड टच' के बीच का फर्क समझाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को किसी व्यक्ति का व्यवहार असहज या गलत लगे, तो बिना किसी भय या संकोच के तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या सीधे संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए।
सत्र के दौरान पॉक्सो कानून के मुख्य प्रावधानों, सुरक्षा तंत्र और कानून के उल्लंघन पर होने वाले कड़े दंड के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान दौर में बच्चों को अपने अधिकारों और बुनियादी कानूनों की जानकारी होना अनिवार्य है। कई बार जानकारी के अभाव या डर की वजह से बच्चे चुप रह जाते हैं, जिससे उनका शोषण बढ़ता है। ऐसे आयोजनों का मुख्य मकसद बच्चों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करना और उनके मन से डर को निकालना है।
कार्यक्रम में आपात स्थिति के लिए निर्धारित हेल्पलाइन नंबर 1098 के उपयोग और कानूनी सहायता प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों से भी आह्वान किया गया कि वे बच्चों के साथ खुला संवाद बनाए रखें और एक सुरक्षित, भयमुक्त शैक्षिक वातावरण तैयार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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