Lucknow : राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता व हरियाली में यूपी के परिषदीय विद्यालयों का परचम, 6 परिषदीय और 2 कस्तूरबा गांधी विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर चयनित

इस रेटिंग के लिए विद्यालयों द्वारा पहले एसएचवीआर पोर्टल पर स्वमूल्यांकन किया गया। इसके बाद जनपद और राज्य स्तर पर सत्यापन तथा पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई गई। शीर्ष विद्यालयों का दोबारा परीक्षण करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम चयन किया ग

By INA News Desk
Jun 17, 2026 - 21:55
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Lucknow : राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता व हरियाली में यूपी के परिषदीय विद्यालयों का परचम, 6 परिषदीय और 2 कस्तूरबा गांधी विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर चयनित
Lucknow : राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता व हरियाली में यूपी के परिषदीय विद्यालयों का परचम, 6 परिषदीय और 2 कस्तूरबा गांधी विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर चयनित

  • भारत सरकार द्वारा स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों ने दर्ज कराई मजबूत उपस्थिति
  • राष्ट्रीय सूची में निजी विद्यालयों से आगे निकले परिषदीय विद्यालय, कई जिलों ने बढ़ाया प्रदेश का मान
  • देशभर से कुल 169179 स्कूलों ने किया था आवेदन, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 191 विद्यालयों में उत्तर प्रदेश के 11 विद्यालय

लखनऊ : प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों ने स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट पहचान स्थापित की है। भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित "स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2025-26" में प्रदेश के 11 विद्यालयों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। इनमें 6 परिषदीय विद्यालय और 2 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल हैं। दो अन्य श्रेणी के विद्यालय और एक निजी विद्यालय हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय अब केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विद्यालयी वातावरण तैयार करने में भी देशभर में मिसाल बन रहे हैं।

परिषदीय विद्यालयों ने राष्ट्रीय मंच पर दर्ज कराई मजबूत उपस्थिति
राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यालयों में संभल का प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चोखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमवी कन्या गंछापा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), बदायूं का कंपोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36) तथा सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55) शामिल हैं। श्रावस्ती का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी ( रैंक 9) और जालौन का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच (रैंक 14) भी राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाने में सफल रहे हैं। 
इसके अलावा प्रयागराज का एयरफोर्स स्कूल मनौरी (रैंक 31) और वाराणसी का जवाहर नवोदय विद्यालय, गजोखर (रैंक 46) भी शामिल हैं। वहीं निजी विद्यालय श्रेणी में मेरठ के दयावती मोदी अकादमी-1 (रैंक 4) ने स्थान बनाया है। राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 20 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए भेजा गया था, जिनमें से 11 विद्यालयों ने राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाया। देशभर से कुल 191 विद्यालयों का चयन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यालयों को शीघ्र सम्मानित करने का निर्णय लिया है, ताकि अन्य विद्यालय भी स्वच्छता और हरित परिसर के क्षेत्र में प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

निजी विद्यालयों को पीछे छोड़ रहे सरकारी स्कूल
एसएचवीआर रेटिंग में विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित परिसर और सामुदायिक सहभागिता जैसे मानकों पर किया जाता है। यह उपलब्धि बताती है कि परिषदीय विद्यालय संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जनभागीदारी के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल कर रहे हैं। बीते वर्षों में विद्यालयों में संचालित स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, जल संरक्षण और कायाकल्प जैसी पहलों का सकारात्मक प्रभाव अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है।

पारदर्शी मूल्यांकन में मिली सफलता
इस रेटिंग के लिए विद्यालयों द्वारा पहले एसएचवीआर पोर्टल पर स्वमूल्यांकन किया गया। इसके बाद जनपद और राज्य स्तर पर सत्यापन तथा पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई गई। शीर्ष विद्यालयों का दोबारा परीक्षण करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम चयन किया गया। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रही, जिससे पारदर्शिता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित हुई। कठोर मानकों पर खरा उतरने के बाद राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाना बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

बच्चों को मिल रहा स्वच्छ और प्रेरक शिक्षण वातावरण
वरिष्ठ विशेषज्ञ, निर्माण श्री श्याम किशोर तिवारी जी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा- “यह सफलता प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विद्यालयों में स्वच्छता, हरियाली और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से अन्य विद्यालयों को भी प्रेरणा मिलेगी और प्रदेश में स्वच्छ, हरित तथा गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी वातावरण के निर्माण को और गति मिलेगी। यह उपलब्धि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।”

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