Lucknow : योगी सरकार चलाएगी राष्ट्रचेतना का महाभियान, देश के अमर नायकों की कथा का होगा मंचन  

25 जून से 25 जुलाई तक रिहर्सल का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें प्रतिदिन 6 से 8 घंटे अभ्यास कराया जाएगा। इसके साथ मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि संयोजन, वेशभूषा, और तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। 2 अगस्त को लखनऊ में इन नाटकों का पहला भव्य

By INA News Desk
Jun 1, 2026 - 22:16
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Lucknow : योगी सरकार चलाएगी राष्ट्रचेतना का महाभियान, देश के अमर नायकों की कथा का होगा मंचन  
Lucknow : योगी सरकार चलाएगी राष्ट्रचेतना का महाभियान, देश के अमर नायकों की कथा का होगा मंचन  

  • ‘आनंदमठ’ और ‘महाराजा सुहेलदेव’ को प्रमुख फ्लैगशिप, प्रदेश के सभी जिलों में शुरू होगा सबसे बड़ा नाट्य अभियान 
  • यूपी में रंगमंच बनेगा राष्ट्रजागरण का माध्यम, लाखों युवाओं तक पहुंचेगा संदेश
  • प्रदेश के कलाकारों को बड़े मंच उपलब्ध होंगे और भारतीय रंगमंच को भी नई दिशा मिलेगी  
  • राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक एकता को नई ऊर्जा देंगे ये नाट्य मंचन: जयवीर सिंह

लखनऊ। राष्ट्रचेतना, इतिहास और साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार एक बड़ी सांस्कृतिक पहल शुरू होने जा रही है। भारतेंदु नाट्य अकादमी ने अखंड भारत के स्वातंत्र्य वीरों, ऐतिहासिक नायकों और महान साहित्यकारों की कृतियों पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुतियों की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों के विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक केंद्रों पर नाटकों का मंचन किया जाएगा। 

इस योजना के अंतर्गत ‘आनंदमठ’ और ‘महाराजा सुहेलदेव’ को प्रमुख फ्लैगशिप प्रस्तुतियों के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा स्वातंत्र्य संग्राम और भारतीय इतिहास के वीर नायकों पर आधारित ‘बिजली पासी’, ‘झांसी की रानी’, ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’, ‘1857 की क्रांति’ और ‘शिवाजी महाराज’ जैसे नाटकों का मंचन होगा। वहीं साहित्य और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विषयों पर ‘रश्मिरथी’, ‘अज्ञेय’, ‘अटल बिहारी वाजपेयी’, ‘ मुंशी प्रेमचंद कृत बड़े भाई साहब’, ‘जयशंकर प्रसाद’, ‘सूर्यकांत त्रिपाठी निराला’, ‘भारतेंदु हरिश्चंद्र’ और ‘वीर सावरकर’ पर आधारित प्रस्तुतियां भी तैयार की जाएंगी। प्रत्येक नाटक की अवधि लगभग एक घंटा पचास मिनट से दो घंटे तक की होगी।

इन प्रस्तुतियों को तैयार करने के लिए जून 2026 से चरणबद्ध कार्ययोजना लागू की जाएगी। सबसे पहले ऐतिहासिक स्रोतों और साहित्यिक कृतियों का संकलन, विशेषज्ञों से परामर्श और शोध दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। इसके बाद अनुभवी नाटककारों द्वारा स्क्रिप्ट लेखन, संवाद, गीत और दृश्य संरचना विकसित की जाएगी। जून के दूसरे पखवाड़े में कलाकारों का चयन किया जाएगा और उन्हें अभिनय, वाचन, शारीरिक अभिव्यक्ति, भावाभिनय, संगीत तथा नृत्य का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि पात्रों को अधिक प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया जा सके।

25 जून से 25 जुलाई तक रिहर्सल का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें प्रतिदिन 6 से 8 घंटे अभ्यास कराया जाएगा। इसके साथ मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि संयोजन, वेशभूषा, और तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। 2 अगस्त को लखनऊ में इन नाटकों का पहला भव्य मंचन प्रस्तावित है, जिसमें विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति के साथ मीडिया कवरेज और दर्शकों की प्रतिक्रिया भी दर्ज की जाएगी। इसके बाद अगस्त से नवंबर 2026 तक विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में तथा दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर नियमित प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।

भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा स्वयं तैयार किए जाने वाले नाटकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों से भी उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय समाचार पत्रों तथा ऑनलाइन माध्यमों से विज्ञापन जारी किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून 2026 निर्धारित की गई है। दो चरणों में चयन प्रक्रिया पूरी होगी, जिसमें पहले चरण में आलेखों का मूल्यांकन किया जाएगा और दूसरे चरण में रिकॉर्डेड या लाइव प्रस्तुतियों की गुणवत्ता, मंचन क्षमता और प्रभाव का परीक्षण होगा। अंतिम रूप से 15 से 20 श्रेष्ठ नाटकों का चयन किया जाएगा।

इस पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 5 से 10 लाख युवाओं तक प्रत्यक्ष सांस्कृतिक पहुंच बनाई जा सकेगी। विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, संग्रहालयों, पर्यटन भवनों, प्रेक्षागृहों, शहीद स्थलों और प्रमुख शहरों में होने वाले ये मंचन राष्ट्रभक्ति, ऐतिहासिक गौरव और सांस्कृतिक एकता को नई ऊर्जा देंगे। साथ ही प्रदेश के कलाकारों को बड़े मंच उपलब्ध होंगे और भारतीय रंगमंच को भी नई दिशा मिलेगी। यह पहल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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