मैनपुरी में 37.86 किमी सड़क होगी चार लेन: घिरोर बाईपास और चौड़ीकरण के लिए ₹328.67 करोड़ मंजूर
मैनपुरी के शिकोहाबाद-भोगांव मार्ग के चार लेन चौड़ीकरण और घिरोर बाईपास निर्माण को मिली कैबिनेट मंजूरी। 328.67 करोड़ रुपये से सुगम होगा यातायात।
उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार को गति दी जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में मैनपुरी जनपद के शिकोहाबाद-भोगांव राज्य मार्ग संख्या-84 के चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण से जुड़े प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इस परियोजना के अंतर्गत घिरोर से भोगांव तक कुल 31.30 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त घिरोर कस्बे के भीतर यातायात के दबाव को घटाने के लिए 6.56 किलोमीटर लंबे घिरोर बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा। कुल 37.86 किलोमीटर लंबे इस समग्र निर्माण कार्य के लिए 328.67 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय और वित्तीय मंजूरी दी गई है।
यह संपर्क मार्ग क्षेत्रीय आवागमन और माल ढुलाई के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (दिल्ली-कोलकाता मार्ग) पर शिकोहाबाद की आबादी से प्रारंभ होकर मैनपुरी में राज्य मार्ग संख्या-83 को पार करती हुई भोगांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-91 (दिल्ली-कानपुर मार्ग) से जाकर जुड़ती है। आगरा मंडल से लखनऊ, कानपुर और कन्नौज की ओर आने-जाने वाले भारी व्यावसायिक वाहनों का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। वाहनों की संख्या अधिक होने और सड़क की चौड़ाई सीमित होने के कारण इस पूरे हिस्से में अक्सर भारी जाम की समस्या बनी रहती थी, जिससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय आबादी को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इस पूरे मार्ग के चार लेन बनने और सुदृढ़ीकरण होने से आवागमन पूरी तरह निर्बाध और सुरक्षित हो जाएगा।
सड़क की क्षमता में बढ़ोतरी होने से मैनपुरी और आसपास के ग्रामीण अंचलों की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। क्षेत्रीय किसानों को अपनी सब्जियां, अनाज और अन्य कृषि उपज समय पर मुख्य कृषि मंडियों तक ले जाने में काफी सुविधा होगी। इसके साथ ही घिरोर, भोगांव और आसपास के ग्रामीण कस्बों से जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों के समय और ईंधन की बचत होगी। घिरोर बाईपास के तैयार होने से कस्बे के भीतर लगने वाले जाम से स्थानीय व्यापारियों व नागरिकों को स्थाई राहत मिलेगी और पूरे पश्चिमी-मध्य उत्तर प्रदेश में आवागमन पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।
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