बिजनौर में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती: संदिग्ध चोर को दबोचने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों का जानलेवा हमला

बिजनौर पुलिस ने इस कायरतापूर्ण और हिंसक हमले को बेहद गंभीरता से लिया है और कानून के इकबाल को बहाल करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय थाना प्रभारी की तहरीर पर पुलिस टीम पर हमला करने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं, वीडियो में

May 28, 2026 - 12:39
May 28, 2026 - 12:45
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बिजनौर में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती: संदिग्ध चोर को दबोचने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों का जानलेवा हमला
बिजनौर में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती: संदिग्ध चोर को दबोचने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों का जानलेवा हमला

  • दुस्साहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल: उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीनने का प्रयास, पुलिसकर्मियों ने भागकर बचाई जान
  • खाकी पर प्रहार से बिजनौर में भारी तनाव: दरोगा और सिपाही को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने वाले उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई शुरू

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाला एक बेहद ही दुस्साहसिक और स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है। क्षेत्र में सक्रिय एक संदिग्ध चोर को गिरफ्तार करने गई स्थानीय पुलिस टीम पर अचानक ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने लाठी-डंडों के साथ जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प के दौरान न केवल ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ बर्बरता से मारपीट की गई, बल्कि मौके पर मौजूद उपनिरीक्षक यानी दरोगा की सरकारी पिस्टल तक छीनने का पुरजोर प्रयास किया गया। भीड़ का यह हिंसक और आक्रामक रूप देखकर स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि अपनी जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को मौके से भागने पर मजबूर होना पड़ा। खाकी वर्दी पर हुए इस हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

यह पूरी घटना बिजनौर जिले के एक ग्रामीण इलाके की है, जहां पुलिस को एक शातिर चोर के छिपे होने की पुख्ता और गोपनीय सूचना मिली थी। इस इनपुट पर तुरंत संज्ञान लेते हुए स्थानीय थाने से एक दरोगा और कुछ कांस्टेबलों की छोटी टीम आरोपी को पकड़ने के लिए गांव में पहुंची थी। पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए संदिग्ध चोर को चिन्हित कर उसे अपनी कस्टडी में ले भी लिया था और उसे सरकारी जीप की तरफ ले जा रहे थे। इसी बीच आरोपी के परिजनों ने शोर मचाकर गांव वालों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया, जिसके बाद देखते ही देखते महिलाओं और पुरुषों सहित दर्जनों ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया और उन पर टूट पड़े।

भीड़ में शामिल अराजक तत्वों और उपद्रवियों ने बिना किसी बातचीत के पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और आरोपी चोर को पुलिस की गिरफ्त से जबरन छुड़ाने का प्रयास करने लगे। जब पुलिसकर्मियों ने आरोपी को छोड़ने से साफ मना कर दिया, तो ग्रामीणों ने लाठियों और डंडों से उन पर सीधा हमला बोल दिया। इसी अफरा-तफरी और हिंसक माहौल के बीच कुछ युवकों ने आगे बढ़कर दरोगा को पकड़ लिया और उनकी कमर में बंधी सरकारी पिस्तौल को जबरन खींचने और लूटने की कोशिश करने लगे। दरोगा और उनके साथी सिपाही ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सरकारी हथियार को उपद्रवियों के हाथ में जाने से रोका, लेकिन भीड़ के लगातार बढ़ते हमले और भारी दबाव के सामने पुलिसकर्मियों की संख्या कम पड़ गई, जिसके चलते उन्हें अपनी जान बचाने के लिए वहां से दौड़ लगानी पड़ी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की हकीकत

इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे इस घटना के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह निडर होकर ग्रामीण पुलिसकर्मियों को दौड़ा रहे हैं। वीडियो में दरोगा की पीठ पर डंडे बरसाते और उनकी पिस्टल पर हाथ डालते हुए उपद्रवी साफ नजर आ रहे हैं, जो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह से खत्म हो चुका है।

इस हिंसक वारदात के बाद घायल और बदहवास पुलिसकर्मियों ने किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर वायरलेस के माध्यम से जिला मुख्यालय और आला पुलिस अधिकारियों को पूरी घटना की गंभीरता से जानकारी दी। खाकी पर हमले और सरकारी हथियार छीनने के प्रयास की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में भारी तनाव व्याप्त हो गया और आनन-फानन में कई थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स और पीएसी की टुकड़ियों को भारी लाव-लश्कर के साथ उक्त गांव के लिए रवाना किया गया। हालांकि, जब तक भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचता, तब तक हमलावर ग्रामीण और संदिग्ध चोर अपने-अपने घरों में ताला बंद करके गांव से फरार हो चुके थे। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया।

बिजनौर पुलिस ने इस कायरतापूर्ण और हिंसक हमले को बेहद गंभीरता से लिया है और कानून के इकबाल को बहाल करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय थाना प्रभारी की तहरीर पर पुलिस टीम पर हमला करने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं, वीडियो में दिख रहे चेहरों और भीड़ को उकसाने वाले कई नामजद और दर्जनों अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इन धाराओं में सरकारी कार्य में बाधा डालना, लोक सेवक पर जानलेवा हमला करना, दंगा भड़काना और सरकारी हथियार लूटने का प्रयास करना शामिल है। पुलिस की कई विशेष टीमें अब फरार आरोपियों और संदिग्ध चोर की तलाश में उनके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

इस घटना ने एक बार फिर फील्ड में जाने वाली पुलिस टीमों की सुरक्षा और आकस्मिक स्थितियों से निपटने की उनकी रणनीतियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण या तंग इलाकों में जब पुलिस बल कम संख्या में किसी अपराधी को पकड़ने जाता है, तो स्थानीय स्तर पर उन्हें इस तरह के संगठित विरोध का सामना करना पड़ता है। बिजनौर के इस मामले के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत अब किसी भी संवेदनशील या ग्रामीण इलाके में दबिश देने से पहले स्थानीय खुफिया इनपुट को मजबूत किया जाएगा और पर्याप्त बैकअप फोर्स को साथ ले जाना अनिवार्य होगा, ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।

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