पूनम गुप्ता की फिल्म मेकिंग में नई शुरुआत: ब्रह्मर्षि देवराहा बाबा के जीवन पर आधारित होगी फिल्म 'मचान बाबा'
फिल्म मेकर पूनम गुप्ता जल्द ही फिल्म 'मचान बाबा' से फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने जा रही हैं। यह फिल्म प्रख्यात संत ब्रह्मर्षि देवराहा बाबा के जीवन और साधना पर आधारित होगी।
- सिनेमाई पर्दे पर जीवंत होगी देवराहा बाबा की महिमा, निर्देशक-निर्माता के रूप में पूनम गुप्ता ला रही हैं 'मचान बाबा'
- 'मचान बाबा' से बॉलीवुड में डेब्यू करेंगी पूनम गुप्ता: मचान पर रहकर साधना करने वाले दिव्य संत की कहानी आएगी सामने
- पूनम गुप्ता का बड़ा ऐलान: सिद्ध संत देवराहा बाबा पर केंद्रित फिल्म 'मचान बाबा' से करेंगी डायरेक्शन और प्रोडक्शन में कदम
भारतीय सिनेमा में आध्यात्मिक और वास्तविक जीवन से जुड़ी कहानियों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच फिल्म मेकर पूनम गुप्ता एक नई परियोजना के साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में पदार्पण करने जा रही हैं। पूनम गुप्ता की इस पहली फिल्म का शीर्षक 'मचान बाबा' रखा गया है। यह परियोजना भारत के सुप्रसिद्ध और सिद्ध संत ब्रह्मर्षि देवराहा बाबा के तपस्वी जीवन, उनकी अलौकिक साधना और समाज को दिए गए आध्यात्मिक संदेशों पर केंद्रित होगी।
देवराहा बाबा भारत के उन विरले संतों में गिने जाते हैं जिनका प्रभाव आम श्रद्धालुओं से लेकर देश के शीर्ष राजनेताओं और विचारकों तक समान रूप से रहा है। जीवन भर नदी तटों पर लकड़ी के ऊंचे मचान (प्लेटफॉर्म) पर निवास करने और वहीं से भक्तों को आशीर्वाद देने के कारण उन्हें जनमानस में 'मचान बाबा' के रूप में भी जाना जाता था। अब इसी विशिष्ट जीवनशैली और साधना को मुख्य आधार बनाकर फिल्म का ताना-बाना बुना जा रहा है।
- पर्दे पर पहली बार दिखेगी ब्रह्मर्षि देवराहा बाबा की जीवन-यात्रा
देवराहा बाबा की ख्याति एक ऐसे तपस्वी के रूप में रही है जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के किनारे साधारण मचान पर व्यतीत किया। वह श्रद्धालुओं को अपने पैरों से स्पर्श कर आशीर्वाद देने के लिए जाने जाते थे। उनके जीवनकाल में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसी विभूतियां उनका मार्गदर्शन लेने पहुंचती थीं।
फिल्म 'मचान बाबा' के माध्यम से उनके जीवन से जुड़े कई अनछुए पहलुओं, उनकी कठोर तपस्या, पर्यावरण और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम और निराहार साधना की गाथा को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। पूनम गुप्ता के अनुसार, इस कथा को केवल एक बायोपिक के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय अध्यात्म की गहरी जड़ों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।
- फिल्म का निर्माण
पूनम गुप्ता इस परियोजना के जरिए फिल्म निर्माण के साथ-साथ निर्देशन के पहलुओं में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन का कार्य तेज गति से चल रहा है, जिसके तहत पटकथा (Screenplay) को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संदर्भों के अनुरूप प्रामाणिक रखने के लिए गहन शोध किया जा रहा है।
फिल्म की स्टारकास्ट, मुख्य किरदार निभाने वाले अभिनेता और तकनीकी टीम के नामों को लेकर आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। निर्माताओं का प्रयास है कि फिल्म का फिल्मांकन उन वास्तविक स्थलों पर किया जाए, जहां देवराहा बाबा ने अपनी साधना का लंबा समय व्यतीत किया था, जिसमें देवरिया के मईल, प्रयागराज और वृंदावन के तटवर्ती क्षेत्र प्रमुख हैं।
- दर्शकों के लिए आध्यात्मिक सिनेमा का नया अनुभव
हाल के वर्षों में भारतीय सिनेमा में सनातन परंपरा और संतों के जीवन पर बनने वाले सिनेमा को लेकर दर्शकों में विशेष रुचि देखी गई है। 'मचान बाबा' उसी दिशा में एक गंभीर प्रयास माना जा रहा है। आधुनिक तकनीकी उपकरणों, प्रभावशाली विजुअल्स और संवेदनशील कथा-वाचन के संगम से इस फिल्म को बड़े पर्दे पर भव्य रूप में प्रस्तुत करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
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