WhatsApp पर ट्रेडिंग सीखकर भारी नुकसान: नोएडा में फर्जी निवेश योजना और 300% मुनाफे के झांसे में ₹47.5 लाख की ठगी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सोशल मीडिया व WhatsApp ग्रुप के जरिए शेयर ट्रेडिंग सिखाने के नाम पर दो लोगों से ₹47.5 लाख की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
- नोएडा में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर दो लोग बने शिकार, जालसाजों ने अलग-अलग मामलों में ऐंठे ₹47.5 लाख
- साइबर ठगों का नया पैंतरा: सोशल मीडिया ग्रुप में ट्रेडिंग क्लास का लालच देकर ग्रेटर नोएडा और सेक्टर-20 से हड़पे लाखों रुपये
- डिजिटल निवेश फ्रॉड: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के युवक से ₹20 लाख और सेक्टर-20 के बुजुर्ग से ₹27.5 लाख की धोखाधड़ी, केस दर्ज
नोएडा। गौतम बुद्ध नगर जनपद में शेयर बाजार में अप्रत्याशित मुनाफे और ऑनलाइन ट्रेडिंग क्लास का झांसा देकर साइबर जालसाजों द्वारा ठगी करने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। आरोपियों ने पीड़ितों को सोशल मीडिया विज्ञापनों और मैसेजिंग ऐप पर बने निवेश ग्रुप्स से जोड़कर कुल ₹47.5 लाख की वित्तीय चपत लगाई। पीड़ितों की औपचारिक शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) संशोधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
- पहला मामला: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के युवक से ₹20 लाख की धोखाधड़ी
पुलिस में दर्ज कराई गई प्रथम शिकायत के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी 39 वर्षीय वैभव गर्ग को जालसाजों ने सोशल मीडिया और WhatsApp पर संचालित एक स्टॉक ट्रेडिंग ग्रुप में शामिल किया। समूह के भीतर बाजार से जुड़े सुझाव और कथित 'ट्रेडिंग कक्षाएं' आयोजित की जा रही थीं।
विश्वास जीतने के बाद पीड़ित को एक विशेष ट्रेडिंग एप्लिकेशन डाउनलोड कराई गई और 300 प्रतिशत तक का भारी रिटर्न दिलाने का वादा किया गया। पीड़ित ने 16 सितंबर से 6 अक्टूबर के दौरान 10 अलग-अलग किस्तों में करीब ₹20 लाख बताए गए बैंक खातों में हस्तांतरित कर दिए। जब उन्होंने लाभ की राशि निकालने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने निकासी रोकने की बात कहते हुए डिफॉल्ट सूची में डालने का डर दिखाया और अतिरिक्त शुल्क की मांग की। धोखाधड़ी का आभास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर सूचना दर्ज कराई।
- दूसरा मामला: सेक्टर-20 के वरिष्ठ नागरिक से ₹27.5 लाख ऐंठे
साइबर ठगी का दूसरा मामला नोएडा के सेक्टर-20 क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक 72 वर्षीय बुजुर्ग को इसी कार्यशैली (Modus Operandi) के तहत निशाना बनाया गया। जालसाजों ने उन्हें भी शेयर बाजार में सुरक्षित और गारंटीशुदा मुनाफे का आश्वासन देकर एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा। बुजुर्ग से चरणबद्ध तरीके से कुल ₹27.5 लाख विभिन्न बैंक खातों में जमा करवा लिए गए। बाद में मूलधन और मुनाफा वापस मांगने पर संपर्क सूत्र निष्क्रिय कर दिए गए या अतिरिक्त राशि की मांग दोहराई गई। साइबर क्राइम थाने के अधिकारियों के अनुसार, दोनों प्रकरणों में केस दर्ज कर बैंक खातों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पैसे के प्रवाह (Money Trail) की पहचान की जा रही है। पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि यह राशि किन-किन शेल कंपनियों या म्यूल खातों में भेजी गई और इसके पीछे किसी संगठित अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता तो नहीं है।
- ऑनलाइन निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान
कानून प्रवर्तन एजेंसियों और वित्तीय नियामकों (SEBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार:
किसी भी अज्ञात WhatsApp या Telegram समूह के माध्यम से दी जाने वाली स्टॉक सिफारिशों पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें।
शेयर ट्रेडिंग हमेशा सेबी (SEBI) द्वारा अधिकृत ब्रोकरेज फर्म और सत्यापित डीमैट खाते के माध्यम से ही करें।
किसी व्यक्तिगत खाते में निवेश की रकम ट्रांसफर न करें।
असामान्य या गारंटीशुदा रिटर्न (जैसे 200–300%) का वादा करने वाली सभी योजनाएं आमतौर पर धोखाधड़ी का जाल होती हैं।
किसी भी संदिग्ध डिजिटल वित्तीय लेनदेन की स्थिति में अविलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर सूचना दर्ज कराएं।
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