यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री योगी ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड

Jul 31, 2026 - 20:06
 0  4
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री योगी ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री योगी ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
  • उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026
  • 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण
  • मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा, कहा, यूपीआईटीएस प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और वैश्विक ब्रांडिंग का प्रभावी मंच
  • 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स' होगी इस वर्ष की थीम
  • 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने की तैयारी
  • 2400 से अधिक प्रदर्शक, 1.50 लाख से अधिक बी2बी और 4.50 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों की सहभागिता का अनुमान
  • 4000 से अधिक एमओयू, ₹3200 करोड़ से अधिक प्रस्तावित एमओयू मूल्य और ₹13,500 करोड़ से अधिक व्यावसायिक पूछताछ का लक्ष्य
  • ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि, पर्यटन, स्टार्टअप सहित 27 से अधिक प्रमुख क्षेत्रों का होगा प्रदर्शन
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,  इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल व्यापार, एफटीए, खाद्य प्रसंस्करण, सड़क सुरक्षा और श्रम संहिताओं जैसे विषयों पर होंगे नॉलेज सेशन
  • सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र में बीवीजी समूह, टीसीएस और हीरानंदानी समूह ने दिखाई रुचि

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का चौथा संस्करण आगामी 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों और निर्यात सामर्थ्य को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने पिछले तीन संस्करणों में प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और उद्योगों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनाया है। अब यह आयोजन केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश यानी 'अनलिमिटेड पोटेंशियल' का प्रदेश है और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इस सामर्थ्य को अनुभव करने का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश और विदेश में इस आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और आगंतुक इसमें सहभागी बनें। 

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स' रखी गई है। आयोजन में 2400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक पंजीकृत बी2बी खरीदारों, 4.50 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों तथा 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 4000 से अधिक एमओयू, ₹3200 करोड़ से अधिक प्रस्तावित एमओयू मूल्य और ₹13,500 करोड़ से अधिक बिजनेस इंक्वायरी होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस सहित अन्य देशों के साथ भी सक्रिय संवाद स्थापित कर उनकी अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस बार ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन एवं फिल्म, अक्षय ऊर्जा, ऑटो एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा, फर्नीचर तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश की विविध औद्योगिक एवं आर्थिक क्षमता एक ही मंच पर प्रदर्शित होगी। 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नॉलेज सेशन को उद्योग जगत, निवेशकों और उद्यमियों के लिए उपयोगी बनाया जाए। इन सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नई श्रम संहिताएं, खाद्य प्रसंस्करण नीति, सड़क सुरक्षा, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौते, एमएसएमई तथा अन्य समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा आयोजित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी इस आयोजन की पहचान बने। इसके लिए सभी दिनों में शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, लोकगायन, भजन, ग़ज़ल तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आकर्षक आयोजन किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले अतिथि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव कर सकें। 

बैठक में यह भी बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने के लिए विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ व्यापक समन्वय किया गया है। विभिन्न देशों के खरीदारों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है तथा बायर-सेलर बैठकों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों को नए वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो के दौरान उद्यमी मित्रों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों, खरीदारों और उद्यमियों को बेहतर सुविधा एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा सके। 

बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर ने कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, वीआईपी आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आमजन की सुविधा के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। वहीं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आयोजन स्थल पर विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं की प्रगति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों की सुविधा के लिए ईवी बसों का संचालन भी सुनिश्चित किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश अनुकूल वातावरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रभावी परिचायक बनकर उभरे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रदेश को कौशल विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 27 मई को अभिरुचि आमंत्रण (ईओआई) जारी किया गया था, जिसमें बीवीजी समूह, टीसीएस और हीरानंदानी समूह ने रुचि दिखाई है। अधिकारियों की टीम टाटा आईआईएस केंद्रों का अध्ययन कर चुकी है, जबकि टीसीएस ने योजना के तकनीकी भागीदार के रूप में सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की है। अब तक 19 जनपदों में लगभग 1320 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है तथा प्रथम चरण में एमएसएमई, यूपीसीडा, जीएनआईडीए, यीडा, यूपीईडा, बीडा और गीडा के माध्यम से 17 केंद्र विकसित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत नौ क्षेत्रीय हब एंड स्पोक मॉडल विकसित करते हुए प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा 80 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

Also Read- छात्र आंदोलन पर मचा सियासी घमासान: अखिलेश ने मंत्री के इस्तीफे पर घेरा, राहुल-डिंपल-उद्धव मैदान में तो कंगना का तीखा प्रहार

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।