रूस की सुख-सुविधाएं छोड़ बिहार के भागलपुर पहुंची युवती जूली, खपरैल के घर में रहने वाले राहुल से नवंबर में करेंगी शादी
रूस की जूली अपने देश की आधुनिक सुविधाएं छोड़कर बिहार के भागलपुर जिले के राजापुर गांव पहुंची हैं। वह आर्थिक रूप से कमजोर युवक राहुल यादव से नवंबर में शादी करने जा रही हैं।
- सीमाओं के पार प्यार की मिसाल: रूसी युवती जूली को भाया भागलपुर का राजापुर गांव, झोपड़ी में बिताएंगी जिंदगी
- हाथ में लाल गुलाब और सादगी का वादा: रूस से आकर बिहार के युवक को दिल दे बैठी जूली, परिजनों की रजामंदी से होगा विवाह
- रूस से भागलपुर तक का सफर: प्रेमी राहुल के खपरैल घर पहुंची विदेशी युवती, गरीबी में भी साथ निभाने का लिया संकल्प
भौतिक सुख-सुविधाओं और भौगोलिक सीमाओं से परे प्रेम की एक अनूठी कहानी बिहार के भागलपुर जिले से सामने आई है। रूस की रहने वाली जूली नाम की युवती अपने देश की आधुनिक जीवनशैली छोड़कर भागलपुर के राजापुर गांव पहुंची हैं। जूली यहां एक बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले युवक राहुल यादव के साथ जीवन बिताने के लिए आई हैं। दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद अब दोनों आगामी नवंबर माह में पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह के बंधन में बंधने की तैयारी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, राहुल और जूली की पहली मुलाकात रूस में हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और यह रिश्ता भावनात्मक लगाव में बदल गया। राहुल का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और गांव में उनके रहने का एकमात्र ठिकाना एक खपरैल और मिट्टी से बना टूटा-फूटा मकान है। इसके बावजूद, जूली ने इन तमाम सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को दरकिनार करते हुए भारत आने का फैसला किया।
- हाथ में लाल गुलाब और सादगी से भरा स्वागत
राजापुर गांव पहुंचने पर जूली का अंदाज बेहद भावनात्मक रहा। वह हाथ में लाल गुलाब का फूल लेकर सीधे राहुल के घर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों की मौजूदगी में वह गुलाब राहुल को सौंपा और उन्हें गले लगा लिया। ग्रामीण परिवेश और राहुल के घर की आर्थिक हालत को देखने के बाद भी जूली के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।
भावुक होते हुए जूली ने कहा कि वह राहुल के साथ इसी गांव में रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबी उनके रिश्ते के बीच बाधा नहीं बन सकती और वह इसी खपरैल की छत के नीचे अपना वैवाहिक जीवन गुजारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
- गांव में कौतूहल का माहौल, नवंबर में फेरे लेंगे दोनों
एक विदेशी युवती के सुदूर ग्रामीण इलाके में आने और स्थानीय युवक से शादी का फैसला करने की खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण इस सादगी और समर्पण को देखकर हैरान भी हैं और प्रभावित भी। राहुल के परिवार ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया है। दोनों पक्षों की सहमति से शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परिजनों का कहना है कि नवंबर के महीने में हिंदू रीति-रिवाज और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए दोनों का विवाह संपन्न कराया जाएगा।
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