सहारनपुर में 10.10 लाख की लूट का सच आया सामने, जनसेवा केंद्र संचालक ने कर्ज चुकाने के लिए रची थी झूठी साजिश
सहारनपुर के बेहट में जनसेवा केंद्र संचालक ने गढ़ी 10.10 लाख की झूठी लूट की कहानी। पुलिस ने कार से बरामद किए पूरे पैसे, कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश।
सहारनपुर जिले के बेहट क्षेत्र में दिनदहाड़े दस लाख से अधिक की लूट की सूचना से पुलिस तंत्र में खलबली मच गई। आनन-फानन में शुरू हुई पड़ताल के कुछ ही घंटों के भीतर इस सनसनीखेज मामले का सच सामने आ गया। पड़ताल में सामने आया कि लूट की कोई वारदात हुई ही नहीं थी, बल्कि शिकायतकर्ता जनसेवा केंद्र संचालक ने खुद ही इस पूरी मनगढ़ंत घटना का ताना-बाना बुना था। पुलिस ने संचालक की गाड़ी से पूरी रकम बरामद करते हुए उसे हिरासत में ले लिया है।
रायपुर मार्ग पर जनसेवा केंद्र और मिनी बैंक का संचालन करने वाले संचालक ने सूचना दी थी कि बैंक से नकदी लेकर लौटते समय रास्ते में अज्ञात बदमाशों ने उससे 10 लाख 10 हजार रुपये लूट लिए हैं। दिनदहाड़े इतनी बड़ी धनराशि की लूट की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात मयंक पाठक, सीओ शशि प्रकाश शर्मा और बेहट कोतवाली प्रभारी इंद्रेश कुमार चौहान पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
पुलिस दल ने जब घटनास्थल के आसपास के हालात का मुआयना किया और शिकायतकर्ता से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की, तो उसके बयानों में भारी विरोधाभास नजर आने लगा। शक गहराने पर पुलिस ने उसकी कार की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के भीतर से ही कथित तौर पर लूटी गई 10 लाख 10 हजार रुपये की पूरी नकदी बरामद हो गई।
कड़ाई से हुई पूछताछ में संचालक टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार संचालक पर भारी कर्ज चढ़ा हुआ था। इसके अलावा उसके पास मौजूद यह रकम बीमित थी। कर्ज के दबाव से निकलने और बीमा कंपनी से क्लेम के जरिए रकम हड़पने के लालच में उसने लूट का यह फर्जी खेल रचा था। उसका मकसद बीमा राशि हासिल कर अपना कर्ज उतारना था। पुलिस ने झूठी सूचना देकर सरकारी तंत्र को गुमराह करने और साजिश रचने के आरोप में संचालक को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
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